गिरिडीह
व्यवहार न्यायालय से जमानत मिलने के चंद घंटों के भीतर ही पचंबा थाना पुलिस द्वारा चार आरोपियों को दोबारा गिरफ्तार किए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेल से बाहर आते ही हुई इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद पचंबा पुलिस की कार्यप्रणाली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इसी वर्ष निकाय चुनाव के दौरान बक्सीडीह में हुई हिंसक झड़प और दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने एक ही घटना को लेकर दर्ज दो अलग-अलग मामलों के तहत यह कार्रवाई की है।
जेल के गेट से ही पुलिस ने दोबारा दबोचा
जानकारी के अनुसार, अमित विश्वकर्मा, मनजीत पासवान, किशोर कुमार और आकाश हांडी को गुरुवार को पचंबा थाना कांड संख्या 15/26 में न्यायालय से जमानत मिली थी। चारों आरोपी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर जैसे ही गिरिडीह मंडल जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकले, वहां पहले से घात लगाए बैठी पचंबा थाना पुलिस ने उन्हें एक अन्य मामले में तुरंत हिरासत में ले लिया। पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने चारों आरोपियों की दोबारा गिरफ्तारी की पुष्टि की है। प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि आरोपियों की यह गिरफ्तारी किसी पुराने मामले में नहीं, बल्कि पचंबा थाना कांड संख्या 16/26 के तहत की गई है।
निकाय चुनाव के दौरान हुआ था दोहरा हत्याकांड
गौरतलब है कि इसी वर्ष निकाय चुनाव के दौरान शहर के बक्सीडीह इलाके में जबरदस्त हिंसक झड़प और गोलीबारी हुई थी। इस खूनी संघर्ष में पिता-पुत्र की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद इलाके में काफी तनाव फैल गया था और पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का भारी दबाव था।
एक ही घटना पर दर्ज हुए थे दो अलग-अलग मामले
बक्सीडीह की घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शिवम आजाद उर्फ शिवम श्रीवास्तव सहित कई नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने भी अपनी तरफ से इस घटना को लेकर अलग से एक दूसरा मामला दर्ज किया था। इसी दूसरे मामले में पुलिस ने जमानत पर रिहा हुए चारों आरोपियों को पुनः गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों कांड अलग-अलग हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है।