गढ़वा
बूढ़ा पहाड़ विकास योजना को लेकर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने समीक्षा बैठेक की. उन्होंने अब तक विकास कार्यों में शून्य प्रगति पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसे गंभीर स्थिति बताया.
2023 में नक्सल मुक्त की हुई थी घोषणा लेकिन विकास कार्य शुन्य
उन्होंने कहा कि साल 2023 में जब बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र नक्सल मुक्त घोषित हुआ था, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं वहां पहुंचकर इसकी पुष्टि की थी. उस समय यह खबर पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी बूढ़ा पहाड़ जाकर बीपीडीपी योजना की शुरुआत की थी. हालांकि, वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अब तक क्षेत्र में विकास कार्य शून्य प्रतिशत ही हुआ है.

जब तक सड़क नहीं बनेगी विकास कैसे होगा?
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बूढ़ा पहाड़ के समग्र विकास के लिए सरकार कृतसंकल्पित है, लेकिन इसके लिए सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का होना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक विकास वहां तक पहुंच ही नहीं सकता. फिलहाल क्षेत्र में सड़क का अभाव है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं.
पूरी तरह उग्रवाद नहीं हुआ समाप्त: राधाकृष्णा किशोर
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि क्षेत्र में उग्रवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि केवल नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि यदि उग्रवाद को पूरी तरह समाप्त करना है, तो विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना होगा.
सड़क निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ के सीएम से मिलेंगे राधाकृष्ण
सड़क निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के साथ समन्वय को जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए वे स्वयं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और आवश्यक एनओसी प्राप्त करेंगे. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कुल्ही में स्वास्थ्य उपकेंद्र का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग के पास राशि उपलब्ध है. वहीं, हेसातु गांव स्थित मध्य विद्यालय को उच्च विद्यालय में उन्नत करने के लिए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं.
