रांची
संसद में महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने के बाद बीजेपी देशभर में इस मुद्दे को लेकर महिलओं के बीच जाकर उन्हें बता रही है कि इंडिया गठबंधन ने नारी शक्ति का अपमान किया है। इसी क्रम में आज राजधानी रांची में बीजेपी ने महिला आक्रोश मार्च निकाला। रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान से लेकर शहर के केंद्र बिंदु कहे जाने वाले अल्बर्ट एक्का चौक तक पैदल मार्च किया गया। इस आक्रोश मार्च में बीजेपी के तमाम बड़े नेता सहित राज्य के कई जिलों से भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।

कांग्रेस से सावधान रहने की जरूरत
वहीं इस दौरान मंच से लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि झारखंड की महिलाओं में भी भारी आक्रोश है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक गरीब परिवार से निकले हैं। उनकी माँ दुसरे के घर में काम किया करती थी और पिता चाय बेचा करते थे। उन्हें देश की महिलओं का दर्द पता है। विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने दिया। उन्होंने अत्याचार करने का काम किया है। झारखंड में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं। राज्य में लॉ एंड आर्डर की हालात यह है कि यहाँ 3 वर्ष की बच्ची के साथ भी घिनौनी हरकत की जा रही है। कांग्रेस से सावधान रहने की जरूरत है, ये लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ये नहीं चाहते हैं की माँ-बहनों को उनका अधिकार मिले। कांग्रेस रूपी बहरूपिये को भगाने का काम कीजिए क्यों की आपका कोई भाई है तो वो नरेंद्र मोदी हैं। विपक्ष ने घोर पाप करने का काम किया है। इनके साथ ही झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है।

झामुमो ने भी इसका विरोध किया
वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की माँ-बहनो को सदन में हिस्सेदारी मिले इसके लिए मोदी सरकार ने प्रयास किया लेकिन इंडिया गठबंधन ने इसका विरोध किया। आज देश के अंदर मां-बहनों में आक्रोश है। विपक्ष के लोग अपने घर की महिला को सिर्फ महिला समझकर भागीदारी देते हैं। यदि महिला आरक्षण बिल आता तो झारखंड में भी सीटें बढ़ती और यहाँ की भी महिलाओं को मौका मिलता। झारखंड विधानसभा में भी कई बार प्रस्ताव आया लेकिन संसद में झामुमो ने भी इसका विरोध किया। इस अवसर को विपक्ष ने समाप्त करने का काम किया। इंडिया गठबंधन ने अगर इस गुस्से को नहीं पहचाना तो आने वाले समय में वो खत्म हो जायेंगे। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अपने संबोधन में कहा कि संसद में विशेष सत्र लाकर माताओं-बहनों को राजीनीतिक रूप से सशक्त करने के लिए महिला आरक्षण बिल लाया गया था। लेकिन विपक्ष ने नारी शक्ति का अपमान करने का काम किया। एक साधारण परिवार की महिला लोकसभा और विधानसभा में प्रतिनिधित्व करें ये बात उन्हें सही नहीं लगी क्यों की वो लोग सिर्फ अपने घर की महिला की चिंता करते हैं। आज हर क्षेत्र में बेटियां आगे बढ़ रही हैं। इंडिया गठबंधन का देश भर में विरोध हो रहा है और इसका खामियाज़ा उन्हें भुगतना होगा। प्रधानमंत्री बहन- बेटियों के साथ खड़े हैं। मोदी है तो मुमकिन है ये महिलाओं को पता है।
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झामुमो नीम कांग्रेस करेले की तरह
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने महापाप किया है। आज झारखंड के कोने-कोने से महिला जब आक्रोश व्यक्त करने उतरेंगी तो बड़े-बड़े की चुले हिल जायेंगी। देश की आधी आबादी को अधिकार देने के लिए प्रयास किया गया। परिवार वाले पार्टी ने सोचा की उनकी पत्नी, बेटी भतीजी का क्या होगा। संसद में जब यह बिल गिरा तब ये लोग मेज बजा रहे थे लेकिन इस अपमान को देश की माँ-बहन नहीं भूलेगी। वहीं विधायक नीरा यादव ने कहा कि हमलोग विपक्षी दलों को जगाने के लिए एकत्रित हुए हैं। केंद्र सरकार ने विशेष सत्र बुला कर महिलाओं को आरक्षण देने का प्रयास किया। मुझे तो राहुल गाँधी का नाम लेने में भी शर्म लग रहा है। वो विपक्ष कहलाने के लायक नही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब से कुर्सी संभाला है, उस दिन से ही महिलाओं को सम्मान देने का काम किया है। झारखंड सरकार में झामुमो नीम ऊपर से कांग्रेस करेले की तरह है। इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनके साथ ना जाए। नारी शक्ति उनके पक्ष में कभी जाने वाली नही है। वो कितनी भी चिकनी -चुपड़ी बातें कर ले।