गढ़वा
झारखंड के गढ़वा जिले में बारिश के मौसम से पहले ही नदी, तालाब और जलाशयों में डूबने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। बीते 48 घंटे के भीतर जिले में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। दोनों मामलों में स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से शवों को बाहर निकाला गया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली घटना धुरकी थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध सुखलदारी वाटर फॉल की है, जहां दोस्तों के साथ घूमने और स्नान करने पहुंचे एक युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। युवक अचानक पानी में लापता हो गया, जिसके बाद स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से खोज अभियान शुरू किया। करीब 18 से 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव पानी के भीतर से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

सधवा तालाब में नहाने के दौरान 10 वर्षीय बच्चे की मौत
दूसरी घटना मेराल थाना क्षेत्र के हासनदाग गांव की है, जहां सधवा आहर तालाब में डूबने से 10 वर्षीय सुजीत चौधरी की मौत हो गई। बताया गया कि सुजीत अपने दोस्तों के साथ तालाब में नहा रहा था। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। जब अन्य बच्चे घर लौटने लगे तो उन्होंने सुजीत को गायब पाया और उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और गांव के लोग मौके पर पहुंचे।

गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
ग्रामीणों और परिजनों ने तालाब में खोजबीन कर सुजीत को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में मातमी सन्नाटा छा गया और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। दोनों घटनाओं ने जिले में जलाशयों के पास सावधानी बरतने की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है।