द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में सैकड़ों छात्राओं के बीमार होने के मामले में शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। जिला शिक्षा पदाधिकारी की जांच में विद्यालय प्रबंधन को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाले दिन छात्राओं को भोजन तो दिया गया, लेकिन उन्हें पीने का पानी नहीं मिल सका, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। जांच में सामने आया कि जिस कमरे में चापाकल लगा था, उस कमरे में रसोइया ने ताला लगा दिया था। छात्राओं को गर्म पानी पीने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया और केवल भोजन किया, पानी नहीं पिया। शिक्षा विभाग ने माना कि यही लापरवाही छात्राओं के बीमार होने की मुख्य वजह बनी। जिला शिक्षा पदाधिकारी कैशर राजा ने कहा कि बच्चों को खाना खिलाकर पानी नहीं देना और चापाकल वाले कमरे में ताला लगाना बेहद गंभीर लापरवाही है, जिसे किसी भी स्थिति में माफ नहीं किया जा सकता।

डीसी के निर्देश पर पांच कर्मचारी बर्खास्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर वार्डेन, दो शिक्षिकाओं, एक गार्ड और रसोइया को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ) को भी जिम्मेदार मानते हुए उनके वेतन निकासी पर रोक लगा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तोड़फोड़ मामले में नौ नामजद, 250 अज्ञात पर प्राथमिकी
विद्यालय परिसर में हुई तोड़फोड़ और सरकारी सामान ले जाने के मामले में भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस संबंध में नौ नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन ने पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। गढ़वा के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने बताया कि 27 जून को हुई घटना के बाद बच्चियों से पूछताछ की गई थी। पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि रसोइया उन्हें पानी पीने से मना करती थी और कई बार चापाकल में ताला भी लगा दिया जाता था। इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए पांच कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। साथ ही विद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और तोड़फोड़ के मामले में भी प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।