द फॉलोअप डेस्क
AJSU के पूर्व विधायक लंबोदर महतो व उनके परिजनों पर आय से अधिक संपत्ति दर्ज करने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की गयी है। इसको लेकर गढ़वा निवासी उपेंद्र कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट में नौ सितंबर को एक जनहित याचिका (पीआईएल) फाइल की है। पीआईएल में लंबोदर महतो और उनके दामाद राजेश कुमार जो राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की बात कही गयी है। राजेश ओरमांझी, बाघमारा, बड़गाई समेत कई अंचल के सीओ रह चुके हैं। वह वर्तमान में डिप्टी डायरेक्ट साझा के पद पर पदस्थापित हैं। पीआईएल में मुख्य सचिव, डीजीपी, एसीबी डायरेक्टर और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी प्रतिवादी बनाया गया है। पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।

पीआईएल में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव के समय लंबोदर महतो द्वारा शपथ पत्र के माध्यम से अपनी संपत्ति की जो जानकारी दी है, उसमें कई को छुपा लिया है। राजेश कुमार ने रांची के ऐदलहातू में जो घर बनाया है, उसकी कीमत तीन करोड़ से अधिक है। इसी तरह रांची के लोवाडीह में लंबोदर महतो के नाम तीन तल्ला घर है। इसके अलावा लोवाडीह रांची में दो प्लॉट है। बोकारो के कसमार में इन्होंने चार एकड़ जमीन खरीदी है। गोमिया में भी खाता संख्या 223, प्लॉट संख्या 679 है, इसके अलावा खाता नंबर 141, प्लॉट नंबर 1513 रकबा 19 डिसमिल जमीन खरीदी है। लंबोदर और उनके परिवार द्वारा गोपिका फाउंडेशन ट्रस्ट भी चलाया जा रहा है। आरोप है कि लंबोदर महतो ने अपने विधायक कोष से 79 लाख रुपए की पुस्तकें बाजार मूल्य से अधिक पर खरीदी। इसको लेकर गोमिया के विधायक योगेंद्र प्रसाद ने भी पहले एसीबी से जांच कराने की मांग की थी।
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यहां मालूम हो कि लंबोदर महतो खुद झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने झाप्रसे से वीआरएस लेकर आजसू पार्टी से जुड़ कर राजनीति के मैदान में उतरे। पहली बार वह गोमिया विधानसभा उप चुनाव में पराजित हो गए। बाद में 2019 के विधानसभा चुनाव में वह गोमिया से विधायक बने। इस बार 2024 के विधानसभा चुनाव में, उन्हें फिर पराजय का मुंह देखना पड़ा। वर्तमान में वह आजसू पार्टी से जुड़ कर अपनी राजनीति कर रहे हैं।
