द फॉलोअप डेस्क, रांची:
JPSC-JSSC में रिफॉर्म को लेकर जारी आंदोलन के बीच पूर्व झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि छाती पर चढ़कर अपनी मांग नहीं मनवाई जा सकती। उन्होंने कहा कि हर बात का एक तरीका होता है। छात्रों से सरकार पर विश्वास रखने की अपील करते हुए राजेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने आंदोलन को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया। राजेश ठाकुर ने विधानसभा घेराव के दिन वाली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन मामला लहूलुहान भी हो सकता था, लेकिन सरकार और प्रशासन ने बेहद सयंमित होकर स्थिति को नियंत्रित किया। राजेश ठाकुर ने JSSC-CGL को रद्द करने की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि हमने पहले ही कहा था कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन छात्रों की जिद थी तो सरकार ने परीक्षाओं को रद्द किया।

हाईकोर्ट में मजबूती से पक्ष रखेगी सरकार
राजेश ठाकुर ने कहा कि सरकार ने छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। हालांकि, सरकार के फैसले के अगले ही दिन इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिसके बाद कोर्ट ने फैसले पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि कोर्ट की ओर से अंतरिम आदेश जारी किया गया है, अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। उन्होंने कहा कि सरकार अब न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। छात्रों को सरकार पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा, "आप सीना पर चढ़कर कोई बात नहीं मनवा सकते हैं। हर चीज की एक हद होती है।" उन्होंने छात्रों से संयम बनाए रखने और न्यायालय की प्रक्रिया पर विश्वास रखने की अपील की।

छात्रों को दिग्भ्रमित करने का लगाया आरोप
राजेश ठाकुर ने कहा कि सरकार छात्रों के हित में काम कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि छात्रों को न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार न्यायालय में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे मामले में भाजपा कहीं न कहीं छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को दिग्भ्रमित किया जा रहा है और उनके आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।