जमशेदपुर:
टाटानगर होकर गुजरने वाली यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी और मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिये जाने के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच बुधवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) ने बड़ा फैसला लिया। रेल यात्री संघर्ष समिति और विधायक सरयू राय के साथ हुई बैठक में जीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब यात्री ट्रेनों को रास्ते में रोककर मालगाड़ियों को आगे नहीं बढ़ाया जायेगा। दरअसल, रेल यात्री संघर्ष समिति लंबे समय से टाटानगर स्टेशन और आसपास के सेक्शन में यात्री ट्रेनों की भारी लेटलतीफी के खिलाफ आंदोलन चला रही है।
समिति ने चेतावनी दी थी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो रेल जीएम का विरोध किया जाएगा। इसके बाद मंगलवार को चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम ने विधायक सरयू राय को फोन कर जानकारी दी थी कि जीएम जमशेदपुर आकर समिति से बातचीत करेंगे।

टाटानगर स्टेशन पर बंद होगी लेट-लतीफी
बुधवार दोपहर बाद हुई बैठक में संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे अधिकारियों के सामने यात्रियों की समस्याओं को विस्तार से रखा। विधायक ने कहा कि समिति की मुख्य मांग सिर्फ इतनी है कि टाटानगर सेक्शन में यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी बंद हो और मालगाड़ियों को पास कराने के लिए पैसेंजर ट्रेनों को घंटों खड़ा करने की व्यवस्था समाप्त की जाये। इस पर रेलवे जीएम ने समिति को आश्वस्त किया कि अब से यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को आगे नहीं बढ़ाया जायेगा। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाये और किसी भी परिस्थिति में यात्री ट्रेनों की कीमत पर मालगाड़ियों को प्राथमिकता न दी जाये।

पूर्णकालिक पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर की तैनाती
बैठक के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने सवाल उठाया कि रेलवे के निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी कैसे होगी। इस पर जीएम ने चक्रधरपुर डीआरएम को निर्देश दिया कि जमशेदपुर में एक पूर्णकालिक पब्लिक रिलेशंस इंस्पेक्टर की तैनाती की जाये। यह अधिकारी ट्रेनों की लेटलतीफी, परिचालन व्यवस्था और मालगाड़ियों को प्राथमिकता नहीं दिये जाने की निगरानी करेगा। साथ ही प्रतिदिन ट्रेनों की आवाजाही और परिचालन की जानकारी प्रेस एवं संघर्ष समिति को उपलब्ध करायेगा।

40 किमी की दूरी 5 घंटे में तय हो पाती है
सरयू राय ने रेलवे अधिकारियों को बताया कि लोकल मेमू और पैसेंजर ट्रेनों की लेटलतीफी से व्यवसायियों, कर्मचारियों, छात्रों, दैनिक मजदूरों और आम यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कई ट्रेनें चांडिल, कांड्रा, गम्हरिया और राखामाइंस तक समय पर पहुंच जाती हैं, लेकिन वहां से टाटानगर पहुंचने में मात्र 35 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करने में 4 से 5 घंटे लग जाते हैं।
इस पर रेलवे जीएम ने कहा कि वे स्वयं इन ट्रेनों की प्रतिदिन समीक्षा करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्री ट्रेनें समय पर टाटानगर पहुंचें। बैठक के बाद विधायक ने कहा कि रेल यात्री संघर्ष समिति की सभी प्रमुख मांगों को रेलवे प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि समिति कुछ दिनों तक रेलवे के आश्वासनों के क्रियान्वयन पर नजर रखेगी, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी।