द फॉलोअप, रांची
सर्जन डॉ अजीत कुमार के नेतृत्व में सदर अस्पताल रांची में एक गरीब महिला का लैप्रोस्कोपिक विधि से सफल ऑपरेशन किया गया। सदर अस्पताल में पहली बार लैप्रोस्कोपिक विधि से 1.45 किलोग्राम के SPLEEN का सफल ऑपरेशन किया गया। यह जटिल सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को स्वस्थ होने के बाद मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। मरीज सुलोचना देवी, जो रांची जिले के बुंडू प्रखंड के आनेडीह गांव की रहने वाली हैं, लंबे समय से पेट दर्द, भारीपन और कमजोरी की समस्या से जूझ रही थीं। उनके पति मृत्युंजय महतो एक छोटे किसान हैं। कई अस्पतालों में इलाज के दौरान उन्हें खून की गंभीर बीमारी और कैंसर होने की आशंका भी जताई गई थी।

बाद में सदर अस्पताल के सर्जरी विभाग में जांच के दौरान पता चला कि मरीज की तिल्ली असामान्य रूप से बढ़ चुकी है। उनका हीमोग्लोबिन स्तर लगभग 5 ग्राम प्रति डेसीलीटर था, जो खून चढ़ाने के कुछ दिनों बाद फिर कम हो जाता था। रिम्स में कराई गई एमआरआई जांच में SPLEEN का आकार 26×16 सेंटीमीटर पाया गया। ऑन्कोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की सलाह पर तिल्ली निकालने और उसकी बायोप्सी कराने का निर्णय लिया गया। 15 जून 2026 को सदर अस्पताल की सर्जरी टीम ने लैप्रोस्कोपिक तकनीक से सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद निकाली गई तिल्ली का वजन 1.45 किलोग्राम तथा आकार 18×16 सेंटीमीटर मापा गया।

सर्जरी के बाद मरीज का हीमोग्लोबिन बढ़कर 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया और स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह पूरा उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज को पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। इस सफल ऑपरेशन का नेतृत्व सर्जन डॉ. अजीत कुमार ने किया। टीम में एनेस्थेटिस्ट डॉ. वसुधा, डॉ. प्रवीण, सिस्टर इंचार्ज नेली, ओटी असिस्टेंट संदीप, संतोष, सृष्टि, सरिता, संजू तथा ओटी की पूरी टीम शामिल रही। ऑपरेशन की सफलता पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने पूरी टीम को बधाई दी।
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