रूपनारायणपुर/पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल के रूपनारायणपुर से सटे आछड़ा इलाके में बीती रात को एक तीन मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग की भयावह लपटों में घर के निचले हिस्से में स्थित कपड़ों की एक बड़ी दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई। रूपनारायणपुर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सूझबूझ दिखाते हुए तीसरी मंजिल की छत पर फंसे पूरे परिवार का रेस्क्यू किया और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा। मिली जानकारी के अनुसार, आसनसोल-चित्तरंजन को जोड़ने वाली सामडी रोड स्थित आछड़ा गांव में उदय घोष का तीन मंजिला मकान है। उन्होंने ग्राउंड फ्लोर पर रेडीमेड कपड़ों का शोरूम खोल रखा था, जहाँ आगामी पूजा सीजन के लिए भारी मात्रा में नया स्टॉक लाकर रखा गया था। शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे अचानक दुकान से धुआं और लपटें उठने लगीं।

स्थिति इतनी विकट थी कि वे छत से नीचे कूदने वाले थे
आहट पाकर उदय घोष, उनकी पत्नी और 12 वर्षीय बेटा नीचे आए। जैसे ही उन्होंने घर के अंदर से दुकान की ओर खुलने वाला दरवाजा खोला, आग के गुबार ने उन्हें चपेट में ले लिया। इस हादसे में उदय घोष और उनकी पत्नी के पैर घुटनों तक गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि उनके मासूम बेटे का हाथ बुरी तरह जल गया। आग की भयावहता और असहनीय दर्द के बीच नीचे उतरने का कोई रास्ता न पाकर पूरा परिवार जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल की छत पर भाग गया। स्थिति इतनी विकट थी कि वे छत से नीचे कूदने वाले थे। इसी दौरान रूपनारायणपुर के थाना प्रभारी (ओसी) सुमंगल सरकार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय युवाओं के सहयोग से तत्परता दिखाते हुए परिवार को रेस्क्यू किया। घायलों को पहले नजदीकी पीठाकियारी ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें आसनसोल के एचएलजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फायर स्टेशन की सालों पुरानी मांग एक बार फिर तेज
इस घटना ने अब एक गंभीर आपराधिक और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। पीड़ित उदय घोष की पत्नी पम्पा घोष सालापुर पंचायत समिति की पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सदस्य रह चुकी हैं। अस्पताल के बेड से उदय घोष ने आरोप लगाया, यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है, बल्कि हमें पूरे परिवार सहित जिंदा जलाने की सोची-समझी साजिश थी। हमें शुक्रवार शाम से ही संदिग्ध गतिविधियां दिख रही थीं। राजनीतिक द्वेष के कारण पहले भी हम पर हमले हो चुके हैं और कुछ दिन पहले हमारे घर के सीसीटीवी कैमरे भी जानबूझकर तोड़ दिए गए थे। आग में लाखों रुपये का कपड़ा और फर्नीचर जलकर राख हो चुका है। रूपनारायणपुर पुलिस शॉर्ट सर्किट और बाहरी तत्वों द्वारा आग लगाए जाने, दोनों पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। इस बीच, स्थानीय निवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रूपनारायणपुर में दमकल केंद्र (Fire Station) होता, तो इस भारी नुकसान को रोका जा सकता था। इस हादसे के बाद इलाके में फायर स्टेशन की सालों पुरानी मांग एक बार फिर तेज हो गई है।