द फॉलोअप, रांची
विधानसभा के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन प्रो. स्टीफन मरांडी ने ध्यानाकर्षण के जरिए विधायकों के जमीन आवंटन का मामला सदन में उठाया। मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि विधायकों के गृह निर्माण के लिए एक ही स्थान पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है। इसलिए नगड़ी, नामकुम, रातू और ओरमांझा अंचल में जमीन चिन्हित की गई है। संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि सदन में दो महीने के अंदर जमीन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि वे खुद जिला प्रशासन से बात करेंगे और चिन्हित स्थलों का निरीक्षण करेंगे।

एक महीने में गृह रक्षकों को मिलेगा नियुक्ति पत्र :योगेंद्र प्रसाद
धनबाद में होमगार्ड नियुक्ति का मामला विधायक मथुरा महतो ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में 735 अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा समेत सभी चरण पूरे कर लिए थे, लेकिन नियुक्ति रद्द कर दी गई। वहीं 2023 की नई नियुक्ति प्रक्रिया भी लंबित है। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में आश्वासन दिया कि एक महीने के अंदर गृह रक्षकों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।
बांग्ला अकादमी गठित होःअरुप चटर्जी
विधायक अरूप चटर्जी ने विधानसभा में बिहार की तर्ज पर झारखंड में बांग्ला अकादमी के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में बंग्लाभाषी लोग हैं, लेकिन बंग्ला की किताबें आना बंद हो गई हैं और कई जगहों पर पढ़ाई भी बंद है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि 2025 की इंटरमीडिएट परीक्षा में 1,695 विद्यार्थियों ने बंग्ला भाषा की परीक्षा दी थी, जिनमें 1,661 विद्यार्थी पास हुए। उन्होंने कहा कि झारखंड में साहित्य अकादमी का गठन किया गया है, जो जनजातीय भाषाओं को छोड़कर अन्य भाषाओं के उत्थान का काम करेगी। बांग्ला अकादमी के गठन की मांग पर विधायक समीर मोहंती ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के गठन में बांग्लाभाषी लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विधायक उमाकांत रजक ने भी बंग्ला अकादमी के गठन की मांग का समर्थन किया। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जब तक स्कूल-कॉलेजों में बंग्लाभाषी विद्यार्थियों की संख्या नहीं बढ़ती, तब तक साहित्य अकादमी बंग्ला भाषा के संरक्षण का काम करेगी।
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