द फॉलोअप डेस्क
बढ़ती गर्मी के साथ राज्य में बिजली की समस्या अपने चरम सीमा पर है। लगातार पावरकट से राज्य के 24 जिले सहित रांचीवासियों को भी काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। पावरकट की समस्या को लेकर शुक्रवार को चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के महासचिव डॉ. अभिषेक रामाधीन की अगुवाई में बैठक हुई। चैंबर के सदस्यों ने जेबीवीएनएल के अधिकारीयों पर तंज कसते हुए कहा की उन्हें प्रत्येक वर्ष बिजली आपूर्ति का कोई अंदाजा नही है। उन्हें यह भी नहीं पता की बिजली की सबसे अधिक आवश्यकता कब पड़ती है। साथ ही कहा की जेबीवीएनएल के पास बिजली आपूर्ति की कोई ठोस प्लानिंग नहीं है। बिजली की घोर समस्या को चिंतनीय बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

औद्योगिक इकाईयों के संचालन पर पड़ रहा है बुरा असर
चैंबर सदस्यों ने कहा बिजली की आपूर्ति की कमी से व्यवसायियों के व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। प्रत्येक वर्ष बिजली की आपूर्ति में सुधार लाने की बजाये बिजली की कीमतों की बढ़ोतरी को प्राथमिकता दी जाती है। व्यवसायियों को पर्याप्त मात्रा में बिजली न मिलने की वजह से उन्हें जेनरेटर का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में सामान्य रूप से मिलने वाली बिजली की कीमतों का तीन गुना अधिक भुगतान करना पड़ता है। सरकार को चाहिए की बिजली वितरण के अभाव से हो रही समस्याओं को त्वरित संज्ञान में लेकर इसका समाधान निकाले। पावरकट के मुद्दे पर बैठक में चैंबर उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, अमित शर्मा, महासचिव डॉ. अभिषेक रामाधीन, सह सचिव रोहित पोद्दार, श्रम एवं मापतौल उप समिति चेयरमेन प्रमोद सारस्वत, संजय टांटिया उपस्थित थे।
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