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झारखंड में चार साल बाद बिजली हुई महंगी, 6.50 प्रतिशत की हुई वृद्धि, बढ़ा दर लागू

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द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में चार साल के बाद बिजली महंगी हो गई है। आम उपभोक्ताओं को पूर्व के टैरिफ के अतिरिक्त
5 पैसा प्रति यूनिट की दर से देनी होगी। वहीं, फिक्स चार्ज में भी अब उपभोक्ताओं को अधिक राशि देनी होगी। अब शहरी कंज्यूमर को 25 रूपए और ग्रामीण कंज्यूमरों को 30 रूपया देना होगा। हालांकि, हाईटेंशन स्पेशल सर्विस (फर्नेस इंडस्ट्रीज, लोहा गलाने के इंस्ट्रीज) की बिजली 35 पैसे सस्ती हो गई। इंडस्ट्रीज एरिया के बिजली दरों में इजाफा किया है। हाई और लो टेंशन इंडस्ट्रीज सप्लाई बिजली दर में 15 पैसे की बढ़ोतरी की गई। रेलवे और मिलिट्री सर्विस की बिजली भी महंगी हो गई।

सिंचाई-कृषि कार्य के उपभोक्ताओं को राहत
झारखंड विद्युत नियामक आयोग ने सिंचाई एवं कृषि कार्य के उपभोक्ताओं को राहत दिया है। टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई लेकिन फिक्स चार्ज को
20 से बढ़ाकर 40 रूपए बढ़ा दिए गए हैं। बताते चलें कि नए बिजली टैरिफ 2021-22 की घोषणा झारखंड विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता, मेंबर तकनीकी अतुल कुमार और मेंबर विधि महेंद्र प्रसाद ने गुरूवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान की है। उन्होंने कहा कि जेबीवीएनएल ने 17 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था मगर हमने जेबीवीएनएल और कंज्यूमरों दोनों की बातों को सुनते हुए इसे 6.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान की है।

आयोग के ये भी हैं महत्वपूर्ण निर्णय
- उपभोक्ता बिल तिथि के 5 दिनों के भीतर भुगतान करता है तो 2 प्रतिशत की तत्काल छूट मिलेगी

-ऑनलाईन या किसी डिजिटल मोड के माध्यम से किए गए बिल की पूरी राशि की तय समय के भीतर भुगतान पर 1 प्रतिशत छूट मिलेगीजिसकी अधिकतम सीमा 250 रूपए तक होगी

2019-20 का बिजली टैरिफ था लागू
मालूम हो कि आज से पहले तक राज्य में वित्तीय वर्ष 2019-20 का टैरिफ लागू है। दरअसल 2020-21 में आयोग ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। वहीं, इसके बाद तीन वित्तीय वर्ष में आयोग डिफंग होने से बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं हो पाई थी।

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