पूर्वी सिंहभूम
पूर्वी सिंहभूम में जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में पोटका विधायक संजीव सरदार ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 8 विद्यालयों को प्लस टू (+2) स्तर तथा 9 विद्यालयों को कक्षा 10वीं तक अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखा। विधायक के इस प्रस्ताव से पोटका विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने गांव और पंचायत के नजदीक ही बेहतर एवं उच्च शिक्षा की सुविधा मिलने का रास्ता साफ होगा। विधायक संजीव सरदार ने पंचायत दक्षिण करण्डीह स्थित एसएस हाई स्कूल करण्डीह, पोटका प्रखंड के शंकरदा पंचायत स्थित अपग्रेडेड गवर्नमेंट हाई स्कूल शंकरदा, दोमजूड़ी पंचायत के अपग्रेडेड हाई स्कूल दोमजूड़ी एवं अपग्रेडेड हाई स्कूल राजदोहा, गोवालकाटा पंचायत के अपग्रेडेड हाई स्कूल जामडीह, हेंसलबिल पंचायत के अपग्रेडेड हाई स्कूल जाहातू, हरिणा पंचायत के अपग्रेडेड हाई स्कूल मांगरू तथा कालिकापुर पंचायत के अपग्रेडेड हाई स्कूल कालिकापुर को 10+2 स्तर तक अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया।

9 विद्यालयों को कक्षा 10वीं तक अपग्रेड करने का प्रस्ताव
इसके अलावा डुमरिया प्रखंड के कांटाशोल पंचायत स्थित अपग्रेडेड मिडिल स्कूल हारदा, खैरबोनी पंचायत के अपग्रेडेड मिडिल स्कूल दामुदिह एवं अपग्रेडेड मिडिल स्कूल लखायदिह, बड़ा कांजिया पंचायत के अपग्रेडेड मिडिल स्कूल डुमरिया तथा पलासबानी पंचायत के अपग्रेडेड मिडिल स्कूल मानिकपुर को कक्षा 10वीं तक अपग्रेड करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं जमशेदपुर प्रखंड के बायांगबिल पंचायत स्थित अपग्रेडेड मिडिल स्कूल नान्दुप एवं बागबेड़ा पंचायत स्थित राजेंद्र मिडिल स्कूल बागबेड़ा, पोटका प्रखंड के हल्दीपोखर पश्चिम पंचायत स्थित उर्दू बालिका मध्य विद्यालय हल्दीपोखर तथा चांदपुर पंचायत स्थित अपग्रेडेड सरकारी मध्य विद्यालय चांदपुर को भी 10वीं तक अपग्रेड करने का प्रस्ताव दिया गया।

बच्चों को शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़े
वहीं विधायक संजीव सरदार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। विद्यालयों को उच्च कक्षाओं तक अपग्रेड किए जाने से विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों के बच्चों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए अपने गांव और पंचायत से दूर जाने की मजबूरी न हो तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी उच्च शिक्षा का अवसर मिले, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि प्रस्तावित विद्यालयों के उन्नयन से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा तथा अधिक से अधिक बच्चे उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ सकेंगे।