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उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में CM हेमंत सोरेन ने झारक्राफ्ट में नवाचार बढ़ाने पर दिया जोर, युवाओं की भागीदारी पर फोकस 

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रांची 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में उद्योग विभाग के कार्यों, योजनाओं एवं परियोजनाओं की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन तथा विभागीय योजनाओं की अद्यतन प्रगति पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक विकास की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों के विकास से आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 

नवाचार और रचनात्मकता पर विशेष जोर
बैठक में झारक्राफ्ट की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने नवाचार और रचनात्मकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बाजार आधारित उत्पाद तैयार किए जाएं तथा युवाओं, विशेषकर नए आयुवर्ग को इस क्षेत्र से जोड़ा जाए। साथ ही उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री को पर्यटन स्थलों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने झारखंड की समृद्ध कला एवं संस्कृति से जुड़े उत्पादों को आधुनिक स्वरूप में विकसित करने तथा भविष्य की ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक शिल्पकारों को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों को झारक्राफ्ट के माध्यम से बाजार से जोड़ने के निर्देश दिए। माटी कला बोर्ड की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने पारंपरिक शिल्पकारों जैसे लौह-कर्म, काष्ठ-कर्म, कुम्भकारी जैसे  कार्यों को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये परंपरागत व्यवसाय राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक और औद्योगिक उत्पादों के बढ़ते प्रभाव के कारण इनकी आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ऐसे में इन शिल्पकारों की कला, कौशल और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करते हुए उन्हें नई संभावनाओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

माटी कला बोर्ड को लेकर दिये आदेश 


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि माटी कला बोर्ड इन कारीगरों की पहचान, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा आधुनिक डिजाइन एवं तकनीक से उन्हें जोड़ने की दिशा में ठोस पहल करे, ताकि उनके उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता में वृद्धि हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इन शिल्पकारों को संगठित कर उन्हें बाजार से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो।
उन्होंने लकड़ी एवं मिट्टी से निर्मित उत्पादों को झारक्राफ्ट के माध्यम से मूल्य संवर्धन (कन्वर्जन) कर उन्हें आकर्षक, आधुनिक और बाजारोन्मुख स्वरूप में विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही इन उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि इन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके और शिल्पकारों को स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त हों। लॉजिस्टिक पार्क एवं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर सहित औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी लाकर निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। 

लॉजिस्टिक पार्क एवं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में निर्माणाधीन प्रमुख औद्योगिक अवसंरचनात्मक परियोजनाओं, विशेषकर लॉजिस्टिक पार्क एवं वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य में उद्योगों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ हो सकें। 
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं से जुड़े सभी अवरोधों को शीघ्र दूर करते हुए समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि झारखंड को एक उभरते हुए औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके। उक्त बैठक में विभागीय मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव  अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल, प्रबंध निदेशक (झारक्राफ्ट) गरिमा सिंह, निदेशक,  विशाल सागर, निदेशक,  प्रीति रानी सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।


 

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