जामताड़ा
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर-रुपनारायणपुर क्षेत्र में हुए 1 करोड़ 1 लाख रुपये के हाई-प्रोफाइल लूटकांड में पुलिस और CID की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता अमित सिंह उर्फ रितेश सिंह को झारखंड के बोकारो जिले से गिरफ्तार कर लिया है। घटना के करीब 23 महीने बाद हुई इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय गिरोह के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
गुप्त सूचना के आधार पर बोकारो के फ्लैट में छापेमारी
मामले की जांच में जुटी CID की विशेष टीम को आरोपी के ठिकाने की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और CID की टीम ने झारखंड के बोकारो स्थित 'मालती लग्जरियस सिटी' के फ्लैट नंबर BL/805 में देर रात छापेमारी की, जहां अमित सिंह छुपकर किराए पर रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे दुर्गापुर कोर्ट स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
नकली CID अधिकारी बनकर दी थी वारदात को अंजाम
यह पूरा मामला 5 सितंबर 2024 को दुर्गापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़ा है, जिसने पूरे पुलिस कमिश्नरेट में हड़कंप मचा दिया था। पीड़ित व्यापारी मुकेश चौधरी को अपना शिकार बनाने के लिए अमित सिंह और उसके गिरोह ने सोची-समझी साजिश रची थी। फर्जी चेकिंग का ड्रामा: राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर मुकेश चौधरी के वाहन को रोका गया। गिरोह के सदस्यों ने खुद को CID अधिकारी बताकर गाड़ी की तलाशी लेने का नाटक किया। 1.01 करोड़ रुपये की लूट: तलाशी के बहाने आरोपियों ने वाहन में रखे लकड़ी के बॉक्स से 1 करोड़ 1 लाख रुपये नकद निकाले और मौके से फरार हो गए।
'ब्लैक टू व्हाइट' मनी रैकेट का फैला रखा था जाल
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था। यह लोगों को कम समय में पैसे दोगुना करने या काले धन को सफेद (White Money) में बदलने का लालच देता था। गिरोह 65 लाख रुपये नकद के बदले 50 लाख रुपये का सफेद धन लौटाने का झांसा देता था। इसी योजना के तहत मुकेश चौधरी को दुर्गापुर बुलाया गया था और पूरी रकम लूट ली गई थी।.jpeg)
12 से अधिक आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्गापुर और रुपनारायणपुर समेत विभिन्न ठिकानों से 12 से अधिक आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, मास्टरमाइंड अमित सिंह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। CID की इस कामयाबी के बाद अब पुलिस रिमांड पर अमित सिंह से पूछताछ की जा रही है, ताकि लूट की रकम की बरामदगी की जा सके और गिरोह के अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।