द फॉलोअप डेस्क
दुमका के जरमुंडी से बीजेपी विधायक देवेंद्र कुंवर के कुक सोनू राउत की मौत के मामले में अब विधायक और उनके परिवार समेत नौ लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। मृतक के परिजनों ने हंसडीहा थाना क्षेत्र के नौनीहाट स्थित डाक बंगला परिसर में सोनू का शव फंदे से लटका मिलने के बाद पुलिस को आवेदन देकर केस दर्ज कराया है। परिजनों ने मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया है कि सोनू की हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटकाकर मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। नामजद आरोपियों में विधायक देवेंद्र कुंवर, उनकी पत्नी, बेटे रवि कुमार, बेटे की पत्नी, विधायक के साला मिथिलेश कुमार सिंह, सरहज, सरहज के बेटे, निजी चालक और निजी स्टाफ से जुड़े लोग शामिल हैं। हालांकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और इनकी पुष्टि होना अभी बाकी है।

परिवार ने हत्या का आरोप लगाया, निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक के परिजनों का कहना है कि सोनू आत्महत्या नहीं कर सकता था। पुलिस को दिए आवेदन में परिवार ने विधायक के परिवार और निजी स्टाफ से जुड़े लोगों पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि केवल घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर सोनू की मौत को हत्या या आत्महत्या नहीं माना जा सकता। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पुलिस अनुसंधान के आधार पर ही स्पष्ट होगी। इस मामले में प्राथमिकी में लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं।

SP ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की जानकारी मिलने के बाद दुमका के एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सोनू राउत की मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला आत्महत्या का है या परिजनों द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों में कोई सच्चाई है। सोनू की मौत के बाद उसके पिता अनिल राउत ने जहर खा लिया। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। बताया गया कि दोपहर दो बजे के बाद परिजन अस्पताल में बिना कुछ बताए उन्हें बेहतर इलाज के लिए कहीं ओर ले गए।