द फॉलोअप डेस्क
गुमला के स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गुमला प्रशासन की सख्ती लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। आज, 5 दिसंबर को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने DAV स्कूल को जांच के दायरे में लिया। इस दौरान स्कूल बसों और निजी वाहनों में गंभीर अनियमितताएँ पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई, जिसमें एक विंगर (Winger) वाहन जब्त किया गया और ₹43,000 का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया गया।
नियमों की अनदेखी पर प्रिंसिपल की लगी 'क्लास'
DAV स्कूल में चल रही बसों की जांच के दौरान DTO और DEO ने नियमों की घोर अनदेखी को लेकर प्रिंसिपल को कड़ी फटकार लगाई। बसों में निम्न गंभीर अनियमितताएं पाई गईं:
.jpeg)
अभिभावकों पर भी जुर्माना और वाहन चालकों की भागा-दौड़ी
जाँच अभियान की सूचना मिलते ही कई टेंपो और सवारी गाड़ियाँ भागती हुई दिखीं, जिसके कारण बच्चों को लेने उनके अभिभावक विभिन्न स्थानों से अपना काम छोड़कर स्कूल पहुँचे। सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर बच्चों के अभिभावकों से भी जुर्माना वसूला गया। बिना हेलमेट पहने बच्चों को लेने आए कई अभिभावकों का ऑनलाइन चालान काटा गया। अधिकारियों ने एक बार फिर दोहराया कि सिर की सुरक्षा सर्वोपरि है।.jpg)
प्राइवेट गाड़ियों को कमर्शियल बनाने की अंतिम चेतावनी
जाँच में यह भी पुष्टि हुई कि कई गाड़ियाँ अभी भी प्राइवेट नंबर प्लेट (सफेद नंबर) पर व्यावसायिक रूप से बच्चों का परिवहन कर रही हैं। DTO ने ऐसे सभी वाहन चालकों को अगले माह तक कमर्शियल नंबर (पीला नंबर प्लेट) लगवाने की अंतिम चेतावनी दी है। DTO ने स्पष्ट किया कि थोड़े से पैसे बचाने की मानसिकता के कारण कमर्शियल वाहन इस्तेमाल नहीं किया जाता, जबकि कमर्शियल नंबर पर दुर्घटना होने पर बीमा मिलना आसान होता है।
जिला परिवहन विभाग ने स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि बच्चों को लेकर चलने वाली सभी गाड़ियाँ लाइसेंस, बीमा, परमिट, फिटनेस जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही चलें, अन्यथा स्कूल प्रबंधन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ मोटर यान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप तिर्की भी मौजूद थे।