द फॉलोअप डेस्क
राज्य सरकार ने अनियमित रूप से नियुक्त कर्मियों की सेवा नियमितीकरण को लेकर विशेष पहल की है। पिछले दिनों वित्त विभाग के संयुक्त सचिव राजेश बाखला द्वारा यह आदेश जारी किया है। उस आदेश के अनुसार वित्त विभाग के पांच पदाधिकारियों को अलग अलग विभागों से जुड़े नियमितीकरण संबंधी मामलों के लिए प्राधिकृत किया गया है। ये अधिकारी संबंधित विभागों द्वारा नियमितीकरण के लिए बुलायी जाने वाली बैठक में उपस्थित रहेंगे। इसके लिए संबंधित विभाग वित्त विभाग के नामित पदाधिकारी को तीन दिन पहले सूचना देंगे। इसके अलावा संबंधित विभागों द्वारा अपने अधिनस्थ कार्यालयों को भी इसकी सूचना देंगे। हालांकि अभी बहुत स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विभागों द्वारा अनियमित रूप से नियुक्त, संविदा, आउट सोर्स या दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण के मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। खास कर स्वीकृत एवं रिक्त पद के विरुद्ध कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण पर विशेष रूप से निर्णय लिया जाएगा। इसमें वित्त विभाग के नामित अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। अगर वह अनुपस्थित रहते हैं तो इसकी सूचना अपने वरीय अधिकारी को देंगे। सरकार के इस पहल से राज्य में उपरोक्त पदों पर कार्यरत लगभग एक लाख से अधिक कर्मियों के नियमितीकरण पर विचार किया जाएगा। उम्मीद है कि ऐसे कर्मियों की इस बार दीपावली रोशन हो सकती है।
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किस अधिकारी को किस विभाग की जिम्मेदारी
पंकज कुमार सिंह संयुक्त सचिव-मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा परिवहन विभाग
कौशल किशोर झा संयुक्त सचिव-मुख्यमंत्री सचिवालय, राज्यपाल सचिवालय, वन एवं पर्यावरण विभाग, झारखंड लोक सेवा आयोग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, कृषि एवं पशुपालन विभाग
राजेश बाखला संयुक्त सचिव-गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग,, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई गवर्नेंस विभाग, उद्योग विभाग, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अल्पसंख्यक कल्याण एवं पिछड़ वर्ग कल्याण विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग
अनिल कुमार यादव उप सचिव-कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, ऊर्जा विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग
डॉ ज्योति कुमारी झा उप सचिव-महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग तथा विधि विभाग
मनोज कुमार पाठक-जल संसाधन विभाग, पेयजल स्वच्छता विभाग, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा विभाग, श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, योजना एवं विकास विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग

