सीतेश कुमार, हजारीबाग
प्यार, भरोसा, धोखा... और फिर मौत। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस विश्वास की हत्या है जिसे एक युवती ने अपने रिश्ते में जिया था। चतरा के हंटरगंज थाना क्षेत्र के जजलो गांव की बंद पत्थर खदान से 26 जून को बरामद हुआ दिव्या कुमारी का शव अब एक ऐसे खौफनाक सच की गवाही दे रहा है, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। मृतका दिव्या कुमारी, गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के अछमा गांव की रहने वाली थी। उसका शेरघाटी थाना क्षेत्र के कुबड़ी गांव निवासी राहुल यादव के साथ प्रेम-प्रसंग था। लेकिन जब रिश्ते में विवाद हुआ तो मामला अदालत तक पहुंच गया। दिव्या ने राहुल के खिलाफ केस दर्ज कराया और वही केस उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया। पुलिस के अनुसार राहुल को डर था कि अदालत में दिव्या की गवाही उसे सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। कानून का सामना करने की बजाय उसने कानून को ही खत्म करने की साजिश रच डाली। आरोप है कि राहुल ने बिहार के गया जिले के खरांटी गांव निवासी नेपाली गंझू को दो लाख रुपये की सुपारी देकर दिव्या की हत्या कराने की योजना बनाई।

गला दबाकर बेरहमी से हत्या की गई
जांच में सामने आया कि दिव्या का गला दबाकर उसकी बेरहमी से हत्या की गई। इसके बाद सबूत मिटाने की नीयत से शव को चतरा के जजलो गांव स्थित बंद पत्थर खदान में फेंक दिया गया, ताकि यह मौत हमेशा के लिए एक रहस्य बनकर दफन हो जाए। लेकिन अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, सच हमेशा रास्ता तलाश ही लेता है। हंटरगंज थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और लगातार पूछताछ के आधार पर इस अंधे कत्ल की परतें खोलनी शुरू कीं। जांच के दौरान पुलिस ने नेपाली गंझू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिन्होंने इस पूरी साजिश की तस्वीर साफ कर दी।

पुलिस लगातार तलाश में छापेमारी कर रही
हालांकि इस हत्या का मुख्य आरोपी राहुल यादव अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। यह मामला सिर्फ एक प्रेम-प्रसंग का अंत नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या किसी रिश्ते का अंत किसी की जिंदगी का अंत करने का अधिकार दे देता है? अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह साफ है कि अदालत में सच बोलने से रोकने के लिए एक युवती की सांसें हमेशा के लिए छीन ली गईं।
