मांडर (रांची)
मांडर प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच सहायता राशि, साइकिल, वस्त्र और घर की चाबियाँ वितरित कीं। इस अवसर पर मंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से सड़क दुर्घटना, डूबने और सर्पदंश जैसी प्राकृतिक आपदाओं में मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि सौंपी। सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को ₹1 लाख और डूबने अथवा सर्पदंश से हुई मृत्यु पर ₹4 लाख की सहायता दी गई।
मंत्री ने 131 छात्राओं को कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की गई साइकिल वितरित कीं, जिससे छात्राओं के चेहरे पर उत्साह और खुशी देखने को मिली। साथ ही 15 लाभुकों को अबुआ आवास योजना के तहत गृह प्रवेश के लिए घर की चाबियाँ दी गईं। इसके अलावा सोना-शोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत जरूरतमंदों को वस्त्र भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा,
"हेमंत सोरेन कैबिनेट में भले ही मैं कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री हूं, लेकिन मांडर के प्रति मेरी जिम्मेदारी और लगाव पहले की तरह ही बना हुआ है। अपने क्षेत्र के लोगों के बीच आकर काम करना मेरे लिए गर्व की बात है।"
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हर वर्ग और तबके के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं, लेकिन जनता को इन योजनाओं के प्रति जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने लोगों से बिचौलियों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि कई बार योजनाओं के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों से पैसे की ठगी हो जाती है। "लाभुकों को केवल अपना अंशदान एस्क्रो अकाउंट के माध्यम से देना होता है, किसी अन्य माध्यम से नहीं," उन्होंने स्पष्ट किया।

मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय कुछ दल धर्म की राजनीति करते हैं, जबकि उनका खुद का उद्देश्य क्षेत्र का विकास, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सम्मान और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर अंचलाधिकारी चंचला, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मंगा उरांव, प्रखंड प्रमुख फिलीप सहाय एक्का, अमानत अंसारी, नसीम अंसारी, जमील मल्लिक, सेराफिना मिंज, सरिता तबारक खान, बेलस टोप्पो, सुका उरांव और संजय तिग्गा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
