द फॉलोअप डेस्क
देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री शुक्रवार को रांची के एसीबी अदालत में हाजिर हुए। एसबी के विशेष न्यायाधीश प्रकाश झा की अदालत में हाजिर हाजिर होकर खूंटी जिले के ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में कमीशन से जुड़े मामले में गवाही दर्ज करायी। दरअसल यह केस खूंटी के तत्कालीन डीडीसी रहते हुए मंजूनाथ भजंत्री ने ही दर्ज करवाया था। देवघर डीसी ने गवाही देते हुए अदालत को बताया कि ठेकेदारों की शिकायत के बाद उन्होंने वर्ष 2014 में कार्यपालक अभियंता शैलेंद्र मंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। ग्रामीण विकास विभाग ने एवी इंटरप्राइजेज को आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए टेंडर दिया था। भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संवेदक कंपनी ने विभाग को हैंडओवर कर दिया।

20 प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी
देवघर डीसी ने कोर्ट को बताया कि संवेदक से केंद्र हैंडओवर लेने के बावजूद ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। बकाया राशि के भुगतान के लिए 26 जून 2014 को लिखित आवेदन दिया गया। इस पर कार्यपालक अभियंता ने 20 प्रतिशत रिश्वत की मांग की। इस मामले में 20 सदस्यीय संवेदकों की कमेटी ने 23 सितंबर 2014 को तत्कालीन डीडीसी से शिकायत की थी। इसके बाद उन्होंने केस दर्ज कराया था।

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