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6 प्रतिशत ऊर्जा भत्ता को बिहार की तर्ज पर लागू करने सहित 12 सूत्री मांगों को लेकर हुआ धरना-प्रदर्शन

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द फॉलोअप डेस्क
6 प्रतिशत ऊर्जा भत्ता को बिहार की तर्ज पर अविलंब लागू हो। वन विभाग द्वारा विभागीय पदाधिकारियों पर किए केस वापस लिए जाएं। भविष्य में ऐसी घटना की पूर्णवृत्ति न हो इसके लिए ठोस इंतजाम किया जाए। ऐसी 12 सूत्री मांगों को लेकर अभियंता पदाधिकारी कर्मचारी समन्वय समिति के बैनर तले बिजली विभाग के इंजीनियर व कर्मियों ने शुक्रवार को बिजली मुख्यालय के समक्ष सांकेतिक धरना एवं प्रदर्शन किया। कर्मियों का कहना है कि यूनियन व संघो के साथ उनकी मांगों पर झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड पदाधिकारियों कर्मचारियों के कल्याणार्थ लिखित समझौता करते आ रहा है। बहुत सारे मुद्दे ऐसे हैं जिन्हें वर्तमान परिवेश में संशोधित करने की आवश्यकता है जिस पर प्रबंधन भी पूर्व से ही सहमत रहा है। लेकिन मुद्दे फाइलों एवं वार्तावृत्त तक सीमित रह गई है। जिसे कर्मचारी पदाधिकारी में रोष का होना स्वाभाविक है। समिति के संरक्षक पीएन किडो ने कहा कि उनकी मांग जायज है। उम्मीद है इस पर विभाग कार्रवाई करेगी।

जानें क्या-क्या हैं मांगें
1. 6 प्रतिशत ऊर्जा भत्ता को बिहार की तर्ज पर अविलंब लागू किया जाए।

2. वन विभाग द्वारा विभागीय पदाधिकारियों पर किए केस वापस लिए जाय। भविष्य में ऐसी घटना की पूर्णवृत्ति न हो इसके लिए ठोस इंतजाम किया जाए।
3. Organisation Structure अधिसूचना संख्या 625 दिनांक 30.05.2022 के तहत् तकनिकी कर्मियों का ग्रेड पे 3000/- पर निर्धारित किया जा चुका है को लागू किया जाए। साथ ही सभी संवर्गों के कर्मियों का ग्रेड पे में नियमानुसार संशोधन किया जाए।
4. 10 लाख रूपये का सामूहिक चिकित्सा बीमा करते हुए Cashless इलाज करवाने की सुविधा दी जाए।
5. GSS का पुनः निर्धारण किया जाए।
6. कार्यक्षेत्र में होने वाली दुर्घटना से मृत्यु का मुवावजा राशि 50 लाख की जाए।
7. बोर्ड में कार्यरत सभी अनुबंध कर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्राइवर व मानव दिवसकर्मी को अनियमित रूप से कार्य कर रहे हैं। उन्हें उच्चतम न्यायालय एवं झारखंड सरकार के आदेशानुसार उनकी सेवा स्थायी की जाए।
8. प्रोन्नति प्राप्त अभियंताओं को प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नत वेतमान का लाभ दिया जाय एवं उनका पदस्थापन अविलंब किया जाए।
9. रिक्त पदों पर नियुक्ति एवम प्रोन्नति अविलंब करी जाए।
10. प्रायः देखा जाता है कि राजस्व वसूली के क्रम में उपभोक्ताओं के शिकायत करने के उपरात बिना जांच के पदाधिकारियों/कर्मचारियों के उपर कार्रवाई की जाती है अतः इस पर रोक लगाई जाए तथा भविष्य में जांच के उपरांत ही कार्रवाई की जाए।
11. अधिसूचना संख्या 10 दिनांक 04.01.2014 के आलोक में विज्ञापन संख्या 5/2016 के आलोक में स्नातक उत्तीर्ण कर्मियों को 20 प्रतिशत आंतरिक कोटा के जगह 50 प्रतिशत आंतरिक कोटा किया जाए।
12. प्राय: देखा जाता है कि राजस्व वसूली के क्रम में उपभोक्ताओं  शिकायत करने के उपरांत बिना जांच के पदाधिकारियों-कर्मचारियों से ऊपर कार्रवाई की जाती है अत. इस पर रोक लगाई जाए तथा भविष्य में जांच के उपरांत ही कार्रवाई की जाए।

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