रांची
झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रार समेत मनोनीत एवं निर्वाचित सदस्यों के चयन में अनियमितताओं को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी के विरोध में 'झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा' द्वारा काउंसिल मुख्यालय के समक्ष बुधवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे देवेंद्रनाथ महतो ने काउंसिल प्रबंधक को अपना लिखित ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। कहा कि राज्य के मुल वासीयों के अधिकार के लिए हमारा संगठन कटिबंध है। काउंसिल गैर सरकारी व गैर झारखंडियों के कब्जे में मनमानी तरीके से संचालित हो रही है। तमाम विसंगतियों को दूर करने के लिए हमारा आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने शहीद महापुरुषों के जयकारों के साथ चार घंटे तक धरना स्थल पर डटे रहे। मौके पर बरियातू थाना की पुलिस दलबल के साथ मौजूद रही। आंदोलनकारी काउंसिल के वर्तमान रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार पांडे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते रहे।

प्रशासन की पहल पर चल रही वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों के तीखे सवालों का सामना करते हुए रजिस्ट्रार सह सचिव प्रशांत पांडे बीच वार्ता से उठकर चले गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। देवेंद्रनाथ महतो ने काउंसिल प्रबंधन को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वृहद स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि फार्मेसी काउंसिल गैर-सरकारी एवं बाहरी तत्वों के नियंत्रण में मनमाने ढंग से संचालित हो रही है, जो मूलवासी हितों के खिलाफ है।

महतो ने यह भी दावा किया कि रजिस्ट्रार का कार्यकाल 13 अप्रैल 2025 को ही समाप्त हो चुका है और वर्तमान निर्वाचित सदस्यों का चयन फर्जी पत्राचार के माध्यम से किया गया है। उन्होंने मांग की कि चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए और रजिस्ट्रार प्रशांत पांडे के सर्विस रिकॉर्ड की भी गहन समीक्षा हो।
एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में देवेंद्रनाथ महतो के साथ दमयंती मुंडा, फुलेश्वर बैठा, विनोद संवासी, सूरज कुमार साहू, लीलावती देवी, संजय महतो, सूरज सिंह, रतिया गंझू, जयंती देवी, अयूब अली, राजू चेडी, आरसद अली, सहबाज आलम, महावीर साहू सहित सैकड़ों की संख्या में संगठन के कार्यकर्ता एवं आमजन उपस्थित थे।
