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राष्ट्रीय नारी शक्ति महिला संगठन ने सरकार से की मांग, विधवा पेंशन बढ़ाकर 2500 रुपये की जाए

राष्ट्रीय नारी शक्ति महिला संगठन ने सरकार से की मांग, विधवा पेंशन बढ़ाकर 2500 रुपये की जाए

रांची 

राष्ट्रीय नारी शक्ति महिला संगठन ने झारखंड की विधवा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाओं की आर्थिक स्थिति और उन्हें मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन में भेदभाव का आरोप लगाया है। राजधानी रांची में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष आरती बेहरा ने सरकार से इन महिलाओं की मासिक पेंशन 1000 बढ़ाकर 2500 रुपये करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि झारखंड में महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं में आर्थिक सहायता को लेकर असमानता दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय नारी शक्ति महिला संगठन के अनुसार, मंईयां सम्मान योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह की सहायता मिल रही है, जबकि विधवा, परित्यक्ता और निराश्रित महिलाओं को मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।

1000 रुपये की मासिक सहायता उनके लिए पर्याप्त नहीं

आरती बेहरा ने कहा कि विधवा महिलाओं की परिस्थितियां बेहद कठिन होती हैं। पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी, बच्चों की पढ़ाई, भोजन, आवास, स्वास्थ्य संबंधी खर्च और बढ़ती महंगाई का सामना उन्हें अकेले करना पड़ता है। ऐसे में 1000 रुपये की मासिक सहायता उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि जब अन्य पात्र महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता मिल रही है, तो विधवा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाओं को इससे कम राशि दिया जाना उनके साथ आर्थिक असमानता का विषय है। संगठन ने सरकार से इस अंतर को समाप्त कर सभी पात्र महिलाओं के लिए सम्मानजनक और समान आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही विधवा महिलाओं की परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता एवं प्राथमिकता दी जाए।

सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाए

महिलाओं के साथ होने वाली आर्थिक असमानता को समाप्त कर समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाए। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष आरती बेहरा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि विधवा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाओं की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए उनकी आर्थिक सहायता में शीघ्र वृद्धि की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद महिलाओं को राहत मिलेगी और उनका जीवन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। महिला सशक्तिकरण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज की सबसे कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को भी सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध हो।

सीपी सिंह ने मांग का समर्थन किया

इस दौरान रांची विधायक सीपी सिंह ने भी राष्ट्रीय नारी शक्ति महिला संगठन की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन विधवा महिलाओं की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनकी पेंशन राशि में भी उचित बढ़ोतरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय है, जिसे वे आगामी विधानसभा सत्र में प्रश्न के माध्यम से सरकार के समक्ष जरूर उठाएंगे। सीपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय नारी शक्ति महिला संगठन ने एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है और विधवा, परित्यक्ता एवं निराश्रित महिलाओं के हित में इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

Tags - National Nari Shakti Mahila Sangathan Widow Pension Jharkhand Government Women Empowerment