द फॉलोअप डेस्क, रांची:
झारखंड की ग्रामीण कार्य, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने द फॉलोअप से खास बातचीत में कहा कि हम JPSC-JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की शिकायत लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों की तीनों मांगों का समर्थन करते हैं। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ सबसे सख्त कानून बनाने वाला राज्य झारखंड है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाए।
“छात्र चाहते हैं कि जिन्होंने पेपर लीक किया है, उन्हें सजा मिले। इसके लिए सबसे पहले सख्त कानून झारखंड में बनाया गया और अब केंद्र सरकार भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
— Dipika Pandey Singh (@DipikaPS) August 4, 2026
दूसरी बात, छात्र चाहते हैं कि परीक्षाएं पूरी तरह लीक-प्रूफ हों। यह सिर्फ झारखंड नहीं, बल्कि पूरे देश की जरूरत… pic.twitter.com/TxXv8Le2Li
पेपर लीक के खिलाफ सबसे सख्त कानून झारखंड में
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्र चाहते हैं कि पेपर लीक के दोषियों को सजा मिले, और उसके लिए सबसे पहले सख्त कानून झारखंड में बनाया गया। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। मंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी पेपर-लीक प्रूफ परीक्षाओं का आयोजन चाहते हैं, और यह केवल झारखंड नहीं बल्कि पूरे देश की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में लीक प्रूफ परीक्षा प्रणाली का मॉडल झारखंड से ही निकलेगा। तीसरी मांग समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर का है और हम इन सभी मांगों का समर्थन करते हैं। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्रों की समस्या का समाधान होना चाहिए।

अभ्यर्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध-प्रदर्शन का अधिकार सभी को है। सरकार छात्रों की भावनाओं से पूरी तरह अवगत है। आंदोलन से पहले ही CID जांच शुरू कर दी गई थी। गिरफ्तारियां हुई हैं, छापेमारी जारी है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। सिर्फ मीडिया में बयान देने से समाधान नहीं होगा।

सीबीआई जांच की मांग पर क्या बोलीं दीपिका पांडेय सिंह
मामले की CBI जांच को लेकर दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पहले भी कई मामलों में सीबीआई जांच हुई, लेकिन उसके परिणाम सबके सामने हैं। इसलिए अगर राज्य की एजेंसी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिला सकती है, तो उसे अपना काम पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। हमारी मंशा स्पष्ट है कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए।