गिरिडीह:
गिरिडीह में मंगलवार को प्रशासन का मानवीय चेहरा देखा। पेंशन की मांग लेकर समाहरणालय पहुंची बुजुर्ग कमला देवी से खुद उपायुक्त रामनिवास यादव ने मुलाकात की और तत्काल अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पेंशन प्रक्रिया में तेजी लाते हुए अविलंब कमला देवी को पेंशन की राशि रिलीज की जाए। दरअसल, मंगलवार को बुधुडीह गांव की कमला देवी डीसी दफ्तर पहुंची थीं। वह परेशान होकर समाहरणालय की सीढ़ियों पर बैठी थी। इसी दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव उधर से गुजरे। कमला देवी ने उन्हें रोका और अपनी समस्या बताई। उपायुक्त ने बुजुर्ग महिला की बात को गंभीरता से सुना और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तुरंत संबंधित अधिकारियों को पेंशन रिलीज करने का निर्देश दिया। डीसी के निर्देश के बाद कमला देवी को भरोसा है कि उन्हें पेंशन मिलेगा। इधर, उपायुक्त के कदम की जमकर तारीफ हो रही है।

पलामू में भी दिखा था डीसी का संवेदनशील चेहरा
हाल ही में ऐसी ही एक तस्वीर पलामू से सामने आई थी जहां डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बाढ़ पीड़ित बच्ची की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उसे व्यक्तिगत रूप से किताब, कॉपी, यूनिफॉर्म और चॉकलेट उपलब्ध कराया था। दरअसल, बच्ची का घर कोयल नदी की बाढ़ की चपेट में आ गया था। कृतिका नाम की उस बच्ची की किताबें भी बाढ़ में बह गई। उसने जन-सुनवाई में उपायुक्त को अपनी पीड़ा बताई और उन्होंने अगले ही दिन कृतिका को पठन-पाठन की सामग्री उपलब्ध कराई।

कई बार दिखा है डीसी रामनिवास यादव का मानवीय चेहरा
गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव का भी मानवीय चेहरा कई बार दिख चुका है। जिले में एक बार दंपति की हत्या के बाद वह सड़क नहीं होने के बावजूद प्रशासनिक अमला को साथ लेकर पैदल चलते हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंच गए थे। साहिबगंज का उपायुक्त होने के दौरान भी डीसी रामनिवास यादव कई बार आदिम पहाड़िया बहुल गांवों की समस्या जानने पहाड़ी पर चढ़ जाते थे।