द फॉलोअप डेस्क
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में लगातार बढ़ते आपराधिक घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मरांडी ने कहा कि राजधानी रांची के कटहल मोड़ पर दिनदहाड़े सीमेंट कारोबारी राधेश्याम साहू पर हुई गोलीबारी ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। अपराधी खुलेआम तांडव मचा रहे हैं, जानलेवा हमले और गोलीबारी कर व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं लेकिन हमारा पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। मरांडी ने कहा कि लगातार कारोबारियों पर हो रहे हमलों से व्यावसायियों में भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है। हालात इतने वीभत्स हो गए हैं कि झारखंड में अब कारोबार करना खतरे से खाली नहीं रहा। जब राजधानी ही असुरक्षित है, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर जैसे शहरों में अपराधी भयादोहन करने लिये फायरिंग कर आतंक पैदा किये हुंए हैं। व्यवसायी से लेकर डाक्टर तक भयादोहन के शिकार बनाये जा रहे हैं। ऐसा लगता है इस धंधें का हिस्सेदार भी पुलिस और सत्ता में बैठे लोग हैं।

कोड वर्ड से मिल रहा अवैध खनन का ठेका
बाबूलाल मरांडी ने एक और बयान जारी कर कहा है कि राज्य में सत्ता के संरक्षण में अवैध खनन बढ़ रहा है। मजदूरों की लगातार मौत हो रही है। उन्हें सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल धनबाद जिले में सरकार के संरक्षण में चल रहे अवैध कोयला खनन ने एक बार फिर आठ निर्दोष मजदूरों की जान ले ली, जबकि 8–10 मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के रहने वाले हैं, और अब खनन माफियाओं के दलाल उनके परिजनों को पैसे देकर चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं। इस गोरखधंधे के हिस्सेदार पुलिस, स्थानीय और प्रशासनिक अधिकारी अपने कर्तव्य निभाने, यानी केस दर्ज करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और लापता मजदूरों को बचाने के बजाय लाशें गायब कराने और पीड़ित परिवारों को चुप कराने की मुहिम में शामिल बताए जा रहे हैं।
