रांची
सीएम हेमंत सोरेन ने ED द्वारा दर्ज शिकायतवाद को निरस्त करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि जिस समन की अवहेलना का आरोप लगाया जा रहा है, उसका उन्होंने जवाब दिया था और वह समन लैप्स हो गया था। इसके बाद नए समन पर वे ED के समक्ष उपस्थित हुए और समन का अनुपालन किया। हालांकि, ED ने दुर्भावना से प्रेरित होकर बार-बार समन जारी किया था।
सीजेएम कोर्ट ने लिया था संज्ञान
ED ने समन की अवहेलना के मामले में शिकायतवाद सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया था। सीजेएम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए हेमंत सोरेन को हाजिर होने का आदेश दिया था, लेकिन वे चार तिथियों पर उपस्थित नहीं हुए। बाद में यह मामला एमपी – एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित हो गया।
एमपी/एमएलए कोर्ट में भी हेमंत सोरेन पिछली कई तिथियों पर पेश नहीं हुए, जिसके बाद कोर्ट ने उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की याचिका खारिज कर दी।

ED की शिकायत
ED की ओर से शिकायतवाद संख्या 3952/2024 सीजेएम कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसमें ED के वरिष्ठ अधिकारी देवव्रत झा ने बताया कि जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को 10 समन जारी किए गए थे। इनमें से वे केवल दो समन पर उपस्थित हुए थे।
हेमंत सोरेन 20 जनवरी को आठवें समन और 31 जनवरी को दसवें समन में ED के समक्ष पेश हुए थे। ED ने इसे समन की अवहेलना मानते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
