द फॉलोअप डेस्क
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के द्वारा आज कांग्रेस भवन, रांची में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मलेन में राकेश सिन्हा ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी को इस राज्य में अभी तक मंडल अध्यक्ष नहीं मिला, 27 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो गई लेकिन झारखंड में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए कोई योग्य व्यक्ति नहीं मिला, वो महागठबंधन सरकार के विकास पर लगातार प्रश्न खड़ा करने का काम कर रही है।.jpg)
उन्होंने आगे कहा "इस राज्य में जब भाजपा की सरकार थी तब सीएनटी/एसपीटी एक्ट में भी बदलाव का प्रस्ताव लाकर आदिवासियों की भावनाओं को आहत करने का काम किया। जब हमने सरना धर्मकोड को विधानसभा से पारित कर केन्द्र को भेजा तब भी इस पर भाजपा के कोई सांसद लोकसभा में यह प्रश्न तक खड़ा नहीं कर पा रहे हैं कि सरना धर्मकोड अभी तक क्यों नहीं लागू हुआ। इस राज्य से भाजपा के 9 सांसद है, जिसमें दो राज्य केन्द्रीय मंत्री है लेकिन इसके बावजूद राज्य की जनता का बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ रुपए पर भी खामोश है, वो इसलिए क्योंकि राज्य के विकास की चिंता भाजपा को नहीं है। सिर्फ बयानवीर बनकर अपनी जिम्मेवारियों से बचना चाहती है भाजपा"।
सिन्हा ने कहा कि "अपनी पार्टी में खुद की समन्वय नहीं है वो हमारी समन्वय की बात कर रहे हैं। हमारा समन्वय बिलकुल मजबूत है और हमारे समन्वय का ही परिणाम है। लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में पूर्व की सीटों में से भी कम सीट प्राप्त कर पाई। उन्होंने कहा कि सत्ता से दूर होने का प्रतिकूल प्रभाव भाजपा पर पड़ा है और यही कारण है कि सरकार के हर अच्छे कार्यों पर भाजपा प्रश्न खड़ा कर रही है, यह उसके जल का परिणाम है, इसलिए आज बरनोल भेज कर उसके जलन को ठंडा करने का काम किया कि विपक्ष के रूप में सकारात्मक भूमिका अदा कीजिए और राज्य के विकास में अपना योगदान दीजिए"।