रांची
राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थन दिए जाने पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा का यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के बजाय "थैलीशाही" और धनबल की राजनीति को बढ़ावा देने वाला है। भाजपा का यह कदम इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि उन्हें अब अपने ही नेताओं, कार्यकर्ताओं और संगठन पर भरोसा नहीं रह गया है। जिस पार्टी के पास देश और राज्य में बड़ा संगठन होने का दावा है, वह यदि राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार खड़ा करने के बजाय एक निर्दलीय उम्मीदवार के पीछे खड़ी होती है, तो यह उनके आत्मविश्वास की कमी और राजनीतिक दिवालियापन को दर्शाता है।

कार्यकर्ताओं के बजाय संसाधन संपन्न लोगों को प्राथमिकता
राकेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार विचारधारा और सिद्धांतों की राजनीति की बात करती है, लेकिन व्यवहार में वह धनबल और प्रभावशाली व्यक्तियों के सहारे राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करती है। राज्यसभा जैसी महत्वपूर्ण संस्था में ऐसे समर्थन का संदेश यह जाता है कि भाजपा जनसंघर्ष से निकले नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं के बजाय संसाधन संपन्न लोगों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को झारखंड की जनता को बताना चाहिए कि आखिर उनके पास ऐसा कौन-सा नेता नहीं था जो राज्यसभा में पार्टी और राज्य का प्रतिनिधित्व कर सके।

धनबल और प्रभाव का प्रदर्शन
यह निर्णय भाजपा के उन हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं का भी अपमान है, जो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की ताकत उनके सिद्धांत, कार्यकर्ता और जनता का विश्वास होता है, न कि धनबल और प्रभाव का प्रदर्शन। भाजपा का यह फैसला साबित करता है कि उसके कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। प्रदेश कांग्रेस ने विश्वास व्यक्त किया कि झारखंड की जनता और जनप्रतिनिधि इस राजनीति को समझते हैं तथा लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली राजनीति का समर्थन करेंगे।