logo

सरकार पर बढ़ते मुकदमों को लेकर चिंता बढ़ी, समय पर कोर्ट में जवाब और अपील दाखिल करने पर होगा फोकस

Jharkhand-High-Court-3.jpeg

द फॉलोअप, रांची
विभिन्न विभागों पर बढ़ते मुकदमों की संख्या को लेकर राज्य सरकार की चिंता बढ़ी है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने इसके समाधान को लेकर शुक्रवार को लगभग सभी विभागीय सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गयी और विभागीय सचिवों से समस्या के समाधान पर सुझाव भी मांगा गया। इस बैठक में नव नियुक्त महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय को विशेष रूप से बुलाया गया था। चर्चा के क्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि विभाग समय पर कोर्ट में शपथ पत्र दायर करे। विभाग समय पर तय करे कि उसे कोर्ट के फैसले के विरुद्ध अपील में जाना है या नहीं। क्योंकि अक्सर यह देखा जाता है कि इधर सरकार अपील में जाती है, उधर कंटेंप्ट का केस सुनवाई के अंतिम मुकाम पर पहुंच चुका होता है। क्योंकि अपील दायर करने में काफी विलंब कर दिया जाता है।


बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अब विधि पोर्टल का वर्जन टू लाया जा रहा है। इसमें सभी मुकदमों की अद्यतन स्थिति मिलेगी। एसएमएस के जरिए भी विभाग को तत्काल सूचना उपलब्ध करायी जाएगी। ताकि विभागीय सचिव अलर्ट रहें। इसके अलावा बड़े मुकदमें जिस पर सरकार को ज्यादा राशि खर्च होती है, उस मामले में विभागीय सचिव ज्यादा सक्रिय हों। सरकार के शीर्ष स्तर पर बातचीत कर कोर्ट में दायर किए जाने वाले शपथ पत्र और अपील को गंभीरता से लें। यहां मालूम हो कि राज्य के स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य और कार्य विभागों के विरुद्ध सबसे अधिक मुकदमें लंबित हैं। इस पर प्रति वर्ष राज्य सरकार को अरबों की राशि खर्च हो रही है। इसके अलावा सरकार का कोर्ट में मुकदमा हारने की संख्या कहीं अधिक है।

Tags - Jharkhand court case government concerned Secretary special proactive measures High Court Supreme Court