द फॉलोअप डेस्क:
नेपाल से निकला सैलाब बिहार तक आएगा। चीन अधिकृत तिब्बत में ग्लेशियर टूटने की घटना से नेपाल की भेटो कोशी, त्रिशुली और नारायणी नदी में आई भीषण बाढ़ का पानी बहुत जल्द बिहार की गंडक, कोशी और गंगा नदी तक पहुंचेगा। खासतौर पर गंडक नदी के तराई जिलों में सर्वाधिक खतरा है। इस खतरे से निपटने के लिए बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और संबंधित जिलों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित अन्य संवेदनशील जिलों में 24 घंटे निगरानी, नाइट पेट्रोलिंग और जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। SDRF और NDRF की टीमों को तैनात किया गया है।

तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से तबाही
गौरतलब है कि बुधवार की दोपहर को अचानक ग्लेशियर टूटने से तिब्बत से निकली भेटो कोशी नदी में फ्लैश फ्लड आया। इस फ्लैश फ्लड की चपेट में नेपाल के रसुवा जिला सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। आसपास के इलाकों में भी भारी जानमाल के नुकसान की आशंका है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक फ्लैश फ्लड में 291 विदेशी नागरिकों समेत कुल 384 लोगों के लापता होने की सूचना है। 105 भारतीय पर्यटक भी लापता हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारत सरकार से अपने नागरिकों को ढूंढ़ने के अलावा राहत एवं बचाव कार्य में नेपाल की सहायता करने का अनुरोध किया है।

गंडक नदी का जलस्तर 3 मीटर बढ़ेगा
इस बीच मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि नेपाल के पानी से गंडक नदी का जलस्तर 3 मीटर तक बढ़ने का अनुमान है। अगले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं और नेपाल से सटे इलाकों में तेजी से पानी आने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। पुलिस की पेट्रोलिंग टीमें विभिन्न जिलों में माइकिंग के जरिए लोगों को सतर्क करने में लगी है। जिलाधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की है।