द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में 1433 अल्पसंख्यक छात्रवृति घोटाले मामले में क्लर्क प्रमोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। दरअसल केंद्र सरकार की छात्रवृति योजना जिसमें अल्पसंख्यक छात्रों को मिलने वाली छात्रवृति की एक बड़ी रकम में घोटाला किया गया था। बताते चलें कि कोडरमा जिले में 1.25 करोड़ की राशि को विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से घोटाले को अंजाम तक पहुंचाया गया था। मालूम हो कि छात्रवृति घोटाले को लेकर कोडरमा की जिला कल्याण पदाधिकारी नीली सरोज कुजूर ने 10 विद्यालयों के प्राचार्य के साथ अपने कार्यालय से रिटायर्ड क्लर्क मो मोबिन, क्लर्क प्रमोद कुमार मुंडा और कंप्यूटर ऑपरेटर मो. हैदर पर नवंबर 2022 में एफआईआर दर्ज कराई थी।

ऐसे समझें पूरा मामला
छात्रवृति घोटाले की शिकायत कोडरमा डीसी को मिली थी। तब उन्होंने इसकी जांच अपर समाहर्ता से करवाई थी। जांच के बाद यह खुलासा हुआ की वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के दौरान फर्जी स्कूल और फर्जी छात्रों के नाम पर अल्पसंख्यक छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि का 1.5 करोड़ रुपए का गबन किया गया है। इस बात की भी पुष्टि हुई की जिन 1433 बच्चों की सूची मिली थी उनमें से एक भी बच्चे के खाते में पैसे ट्रांसफर नहीं किए गए। किसी का नाम फर्जी पाया गया तो किसी का पता। 12 स्कूलों में से 10 से संबंधित रिकॉर्ड में अनियमितता पाई गई थी।
