द फॉलोअप डेस्क
रांची-रामगढ़ मार्ग यानी पुराने NH-33 और वर्तमान NH-20 पर स्थित चुटूपालू घाटी में लगातार हो रहे सड़क हादसों को रोकने के लिए अब वैकल्पिक सड़क बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत रामगढ़ की ओर जाने वाली खतरनाक ढलान वाली लेन के बगल में पहाड़ काटकर नई फोरलेन सड़क तैयार की जाएगी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल प्रस्तावित मार्ग को लेकर सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी और तकनीकी समेत अन्य संभावित बाधाओं का आकलन कर परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

खतरनाक ढलान और तीखे मोड़ के कारण ब्लैक स्पॉट
चुटूपालू घाटी में रामगढ़ की ओर जाने वाली लेन में काफी अधिक ढलान है और आगे तीखा मोड़ भी है। यही वजह है कि यह इलाका हादसों के लिहाज से ब्लैक स्पॉट बन चुका है। दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लंबे समय से इस ढलान को कम करने की मांग और प्रयास किए जाते रहे हैं। NHAI की ओर से भी कई उपाय किए गए। सड़क को चौड़ा करने के साथ वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए रबर रंबल स्ट्रिप लगाए गए, लेकिन इसके बावजूद तेज रफ्तार भारी वाहन यहां पहुंचने के बाद कई बार अनियंत्रित हो जाते हैं और हादसे होते रहते हैं।

सभी प्रयासों के बाद अब वैकल्पिक सड़क पर जोर
लगातार हो रही दुर्घटनाओं और अब तक किए गए उपायों के अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद इस हिस्से में नई सड़क बनाने का निर्णय लिया गया है। प्रस्तावित फोरलेन सड़क के लिए पहाड़ काटकर नया मार्ग तैयार किया जाएगा, जिससे मौजूदा खतरनाक ढलान और तीखे मोड़ से वाहनों को राहत मिल सके। बता दें कि रांची से हजारीबाग सेक्शन में फोरलेन सड़क का काम करीब 12 साल पहले पूरा हुआ था। अब चुटूपालू घाटी के दुर्घटना प्रभावित हिस्से में नई सड़क का निर्माण हादसों पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।