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गढ़वा में वन विभाग की पहल रंग लाई, जंगल में पानी और भोजन मिलने से कम हुआ मानव-हाथी संघर्ष

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गढ़वा 

गढ़वा जिले में वन विभाग की एक पहल से अब कई जिंदगियां बच रही हैं। जंगली जानवर अब रिहायशी इलाकों से दूर रहकर जंगल में ही विचरण कर रहे हैं। जंगली हाथियों के आतंक से गढ़वा जिला लंबे समय से परेशान था। हाथी और मानव संघर्ष में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। अब इस बीच जंगल में ही जानवरों को पानी और भोजन मिल रहा है। गढ़वा जिले के चिनिया वन क्षेत्र बेहद खूबसूरत है जो कि वन विभाग की एक अनूठी पहल को दर्शाती है, जहां जंगल के बीचों-बीच जानवरों के लिए एक छोटा सा डैम बनाया गया है। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में गढ़वा जिले के वन क्षेत्रों में हाथी, बाघ, तेंदुआ सहित कई जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ी है। भोजन और पानी की तलाश में ये जानवर अक्सर रिहायशी इलाकों में घुस जाते थे, जिससे मानव जीवन को नुकसान पहुंचता था। 

जंगलों के भीतर पानी और भोजन की व्यवस्था

सबसे अधिक समस्या जंगली हाथियों के कारण होती थी। इससे निजात दिलाने के लिए वन विभाग ने जंगल के बीचों-बीच एक छोटा डैम बनाया और आसपास के क्षेत्रों में फलदार पौधे भी लगाए। इसका सकारात्मक असर अब देखने को मिल रहा है। जंगली जानवर जंगल में ही भोजन और पानी प्राप्त कर रहे हैं तथा इंसानों से उनका सामना भी कम हो रहा है, जिससे ऐसी घटनाओं में कमी आई है। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग द्वारा यह कार्य किए जाने के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं काफी कम हुई हैं। इसी तरह के कार्य गढ़वा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी किए जा रहे हैं। जंगलों के भीतर पानी और भोजन की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जंगली जानवरों, पशुओं और पक्षियों को भटकना न पड़े।

Tags - Forest Department initiative wildlife conservation human-elephant conflict mitigation Chinia Forest Range forest habitat management