हजारीबाग
झारखंड सरकार अब सरकारी स्कूलों के बच्चों को फराटेदार अंग्रेजी बोलने के लिए तैयार कर रही है। हजारीबाग के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में शिक्षकों को अंग्रेजी बोलने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह पहल राज्य सरकार के अंग्रेजी शिक्षा को लेकर उठाए गए बड़े कदमों का हिस्सा है।
हजारीबाग के डाइट में हाई स्कूल और प्लस टू के शिक्षकों के लिए 7 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को अंग्रेजी बोलने में दक्ष बनाना है, ताकि वे बच्चों को अधिक प्रभावी तरीके से अंग्रेजी पढ़ा सकें। प्रशिक्षण का उद्देश्य न केवल शिक्षकों को इंग्लिश बोलने में निपुण बनाना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि बच्चों को अंग्रेजी की पढ़ाई एक अच्छे माहौल में दी जा सके। राज्य सरकार का मानना है कि सरकारी स्कूलों में इंग्लिश की गुणवत्ता को सुधारने से छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का स्तर औसतन कम होता है, और बच्चे अक्सर अंग्रेजी से डरते हैं। हालांकि, राज्य सरकार की यह पहल अब इन बच्चों को भी एक अच्छा इंग्लिश माहौल देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षक बताते हैं कि झारखंड में कई शिक्षक ऐसे हैं जिनका अंग्रेजी ज्ञान अच्छा नहीं है। जैक परीक्षा से मैट्रिक पास करने वाले कई शिक्षक, इंग्लिश बोलने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे में इस प्रशिक्षण से शिक्षकों को बेहतर माहौल मिलेगा, और परिणामस्वरूप बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिलेगी।
इस प्रशिक्षण का असर आने वाले समय में साफ तौर पर दिखने लगेगा, क्योंकि शिक्षकों के द्वारा दिए गए प्रशिक्षण से सरकारी स्कूलों के छात्र बेहतर अंग्रेजी बोलने में सक्षम होंगे। राज्य सरकार का यह कदम सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षा के स्तर को सुधारने में अहम साबित होगा, जिससे बच्चों की शैक्षिक सफलता में वृद्धि होगी।
