द फॉलोअप डेस्क
चतरा के टंडवा कोयलांचल में दहशत का पर्याय बन चुके राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के करीब 3 से 5 बजे के बीच टंडवा-पिपरवार थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में पुलिस और गैंग के कुख्यात अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। गुप्त सूचना के आधार पर टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की थी। खुद को चारों तरफ से घिरता देख अपराधियों ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने भी कार्रवाई की। इसी दौरान राहुल दुबे गैंग के अपराधी विकास कुमार के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकलने में सफल रहे।

घायल विकास कुमार हजारीबाग रेफर
गोली लगने के बाद घायल विकास कुमार को पुलिस ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिलाया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज (सदर अस्पताल) रेफर किया गया है। चतरा एसपी अनिमेष नैथानी ने पुलिस कार्रवाई और हाफ एनकाउंटर की पुष्टि की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वयं दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद फरार हुए गिरोह के अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सुशी इंफ्रा कार्यालय पर 20 राउंड फायरिंग के बाद कार्रवाई
पुलिस की यह कार्रवाई रविवार को हुई वारदात के बाद की गई है। चंद्रगुप्त कोल परियोजना स्थित सुशी इंफ्रा कंपनी के कार्यालय में राहुल दुबे गिरोह के चार नकाबपोश अपराधियों ने दिनदहाड़े करीब 20 राउंड गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में एसआईएस (SIS) के सुरक्षा गार्ड रविश कुमार यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद से ही पुलिस राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में मंगलवार तड़के पुलिस ने सीमावर्ती इलाके में घेराबंदी कर अपराधियों को पकड़ने का प्रयास किया, जहां पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। फिलहाल पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है।