द फॉलोअप डेस्क
चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड से एक हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ प्रेम विवाह से नाराज एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान कर उसे सामाजिक रूप से 'मृत' घोषित कर दिया। परिजनों ने न केवल बेटी से हमेशा के लिए रिश्ता खत्म करने का ऐलान किया, बल्कि बाकायदा हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार भी कर डाला।

श्मशान घाट तक निकाली पुतले की अर्थी
मिली जानकारी के अनुसार, युवती ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था। इस फैसले से लड़की के परिजन इस कदर नाराज और आहत हुए कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से उससे सभी तरह के संबंध समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके बाद, परिजनों ने युवती की तस्वीर और एक पुतले की अर्थी तैयार की। इस प्रतीकात्मक अर्थी को पूरे विधि-विधान के साथ स्थानीय श्मशान घाट ले जाया गया, जहाँ अंतिम संस्कार की तमाम रस्में पूरी की गईं। इसके साथ ही जीवित बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान भी किया गया।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना
इस घटना की चर्चा अब पूरे जिले में आग की तरह फैल गई है। स्थानीय स्तर पर इस कदम को लेकर समाज दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है। जहां कुछ लोग इसे परिवार का बेहद निजी फैसला और लोक-लाज से जुड़ा मामला बता रहे हैं, वहीं प्रबुद्ध वर्ग और कई अन्य लोग इसे सामाजिक व भावनात्मक दृष्टि से बेहद गंभीर और रूढ़िवादी कदम मान रहे हैं।