रांची
पूर्व सीएम और भाजपा नेता चंपाई सोरेन ने आज सूबे की सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर आपको लगता है कि युवाओं की आवाज को लाठियों के बल पर दबाया जा सकता है, तो आपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा। भाजपा नेता ने कहा, इसी देश में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने युवाओं की आवाज को कुचलने के लिए इमरजेंसी तक लगा दी थी, लेकिन जनता ने उस सरकार को उखाड़ फेंका। सोरेन ने कहा कि झारखंड के JPSC/ JSSC CGL की तरह ही एक मामला राजस्थान में आया था। साल 2021 में वहां की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राजस्थान एसआई/दरोगा भर्ती परीक्षा की बहाली के दौरान पेपर लीक हुआ था, जिसकी वजह से 3.83 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया था।
गिलास में जहर गिर जाए तो उसे पानी से अलग नहीं किया जा सकता
बाद में सरकार बदली तो जांच शुरू हुई, और इसी इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पानी के गिलास में दो-तीन बूंद जहर गिर जाए तो उसे पानी से अलग नहीं किया जा सकता, पूरा गिलास फेंकना ही पड़ता है। लेकिन झारखंड में, इस भ्रष्ट्र सरकार ने खुद को बचाने के लिए पहले सीबीआई जांच से इनकार किया, फिर छात्रों से झूठा वादा कर के आंदोलन खत्म करवाया और अगले दिन कोर्ट में खामोश रह कर मामले को उलझा दिया। फिर जब उसके विरोध में छात्र प्रदर्शन करने आए, तो अपने गुंडों एवं पुलिस से उन्हें पिटवाया, झूठे मुकदमे दर्ज करवाए, और आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया। इसकी जितनी निंदा की जाये कम है।
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