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सीईओ के रवि कुमार ने बताया, क्यों हुए एक ही मकान से कई मतदाता सूचीबद्ध, निराकरण हो रहा

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द फॉलोअप, रांची
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की गतिविधियों के संबंध में समाचारों के प्रकाशन अथवा प्रसारण से पूर्व संबंधित तथ्यों एवं वास्तविक स्थिति का समुचित सत्यापन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुछ  समाचारपत्रों  में एक ही मकान संख्या के अंतर्गत अधिक संख्या में मतदाताओं के सूचीबद्ध होने जैसे मामलों को निर्वाचन तंत्र एवं बूथ लेवल पदाधिकारियों (बीएलओ) की लापरवाही के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। ऐसे मामलों में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों तथा मतदाता सूची में उपलब्ध पते एवं मकान संख्या की स्थिति को समझना आवश्यक है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में कई ऐसे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां नए निर्मित मकानों को संबंधित स्थानीय निकाय, नगर निकाय अथवा ग्राम पंचायत स्तर से अभी तक पृथक मकान क्रम संख्या उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में बिल्डरों द्वारा निर्मित अपार्टमेंट एवं फ्लैटों के लिए उपयोग की जा रही क्रम संख्या/पता संबंधी सूचनाओं के सत्यापन एवं मानकीकरण की आवश्यकता वाले मामले भी पाए जाते हैं। फलस्वरूप मतदाता सूची में एक ही मकान संख्या से कई मतदाताओं का संबद्ध दिखाई देना आवश्यक रूप से यह प्रमाणित नहीं करता कि वे सभी मतदाता वास्तविक रूप से एक ही मकान अथवा परिवार के सदस्य हैं।

के रवि कुमार ने कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियों की भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से समीक्षा की जा चुकी है तथा इनके व्यवस्थित निराकरण के लिए आवश्यक प्रक्रिया निर्धारित की गई  है। गणना चरण के समाप्ति के उपरांत:-

•    मकान नंबर से संबंधित कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है ।

•    ड्राफ्ट मतदाता सूची दिनांक 05.08.2026 को जारी किया गया है जिसमें मकान संख्या से संबंधित कोई कार्य नहीं किया गया है, अंकित मकान संख्या पूर्व से ही है, जिसे मात्र कैरी फॉरवर्ड किया गया है ।

•    विदित हो कि जहां पंचायत / म्युनिसिपल प्राधिकार द्वारा मकान संख्या का आवंटन नहीं किया गया है, वहां पर नोशनल हाउस नंबर आवंटन का कार्य एन्यूमरेशन फेज के बाद के चरण अर्थात् दावा आपत्ति चरण में किया जायेगा ।

•    इस हेतु संबंधित बी0एल0ओ0 के द्वारा प्रत्येक अनुभाग के घरों को एक व्यवस्थित तरीके से नोशनल हाउस नंबर आवंटित किया जायेगा, जिसे तत्पश्चात अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा ।

•    एस0आई0आर0 पूर्व गतिविधि के तहत पूर्व से ही प्रत्येक गृह में नोशनल हाउस नंबर / हाउस नंबर बी0एल0ओ0 के नाम, मोबाइल संख्या सहित एक स्टीकर लगाया गया था । पुनः इस दावा आपत्ति चरण में "होम टू रोल" स्टीकर लगाया जायेगा जिसमें नागरिकों द्वारा "मेरे परिवार के सभी सदस्य-मतदाता सूची में एक साथ" की जांच स्वयं भी किया जाना है । इस स्टीकर में भी नोशनल हाउस नंबर / हाउस नंबर अंकित किया जाना है।

रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर के दौरान राज्य के बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करने, इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराने एवं प्राप्त करने, मतदाताओं की मैपिंग तथा मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन करने के लिए निरंतर कार्य किया गया है। इतनी व्यापक प्रक्रिया में सामने आने वाली विसंगतियों की पहचान करना भी पुनरीक्षण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन अंतिम मतदाता सूची नहीं है; दावा-आपत्ति अवधि इसी उद्देश्य से निर्धारित की गई है कि पात्र मतदाता आवश्यक दावा प्रस्तुत कर सकें तथा पाई गई विसंगतियों का सक्षम  स्तर के पदाधिकारी द्वारा नियमानुसार सत्यापन एवं निराकरण किया जा सके।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित किसी मामले को प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से पूर्व संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी अथवा निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी कार्यालय से तथ्य एवं वस्तुस्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें। अपूर्ण या भ्रामक जानकारी अथवा क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों की जांच किए बिना किसी तकनीकी अथवा पता-संबंधी विसंगति को बीएलओ की लापरवाही के रूप में प्रस्तुत करने से मतदाताओं में अनावश्यक भ्रम उत्पन्न हो सकती है तथा कठिन परिस्थितियों में कार्य कर रहे बीएलओ का मनोबल भी प्रभावित हो सकता है।

रवि कुमार ने कहा कि मीडिया निर्वाचन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर है। मीडिया से अपेक्षा है कि वह मतदाताओं तक सत्यापित एवं तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाने, निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा मतदाताओं के बीच प्रसारित किसी भी भ्रामक अथवा अपुष्ट जानकारी के तथ्यात्मक निराकरण में सहयोग करे। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय मतदाता सूची से संबंधित प्रत्येक तथ्यात्मक शिकायत अथवा विसंगति की जांच एवं नियमानुसार निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित हो, एक भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो तथा मतदाता सूची शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बने, यही विशेष गहन पुनरीक्षण का मूल उद्देश्य है।

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