रांची:
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आज प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दूसरे चरण के जातीय जनगणना के फार्म में 40 प्रश्न हैं। 10वीं प्रश्न को देखें तो उसमें पहले पर व्यक्ति का नाम है उसके बाद SC/ST कॉलम रखा गया है लेकिन ओबीसी का कॉलम नहीं रखा गया है। नेताओं ने पूछा कि आखिर फॉर्म में ओबीसी को क्यों नहीं लिखा गया भाजपा किससे डरती है या भाजपा ने साज़िशन ऐसा किया है। उदाहरण देते हुए कहा कि यादव कहीं अपना उपनाम यादव लिखता है, गोप लिखता है, अहीर लिखता है। कांग्रेस की मांग है कि ऐसे पर्यायवाची उपनाम के लिए एक डिजिटल कोड होना चाहिए। जिससे उनकी पहचान की जा सके।
जातियों का अलग-अलग कोड हो
पार्टी ने कहा कि अलग-अलग जातियों का अलग-अलग कोड होना चाहिए। इस मांग को लेकर पार्टी 16 सितंबर को बापू वाटिका से मार्च निकालेगी और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी। कहा कि झारखंड में ओबीसी की आबादी 50% से ज्यादा है लेकिन वे आज भी पिछड़े हुए हैं। दोनों नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि MMDR बिल के विरोध में आंदोलन की घोषणा की गई थी और इसे स्थगित किया गया था। इस बिल के विरोध में 26 सितंबर को राजभवन मार्च करेंगे। कहा कि प्रखंड स्तर पर प्रथम चरण का आंदोलन 5 से 10 अक्टूबर तक चलेगा।