द फॉलोअप डेस्क
व्यवसायी आतिश परमहंस ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थानीय मुखिया सादिक अंसारी पर अवैध वसूली और धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया। परमहंस ने बताया कि उनकी कंपनी पिछले कई वर्षों से वेनगाबाद प्रखंड के अंबाटांड़ गांव में एग एवं मशरूम प्लांट का संचालन कर रही है। इस प्लांट से ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों को रोजगार मिला है और झारखंड को अंडा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के राज्य सरकार के विजन को भी बल मिला है।
उन्होंने कहा कि गिरिडीह और आसपास के जिलों में अंडे की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित कर कंपनी आमजन तक प्रोटीनयुक्त आहार पहुंचाने में योगदान दे रही है। लेकिन पिछले एक माह से स्थानीय मुखिया सादिक अंसारी द्वारा अवैध "संरक्षण राशि" (प्रोटेक्शन मनी) और फिरौती की मांग की जा रही है। मांग ठुकराने पर उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकियां दी जा रही हैं।
कंपनी का आरोप है कि मुखिया अपने सहयोगियों के साथ प्लांट परिसर में जबरन प्रवेश कर कर्मचारियों को धमका भी चुका है। इसका वीडियो सबूत कंपनी के पास मौजूद है। परमहंस ने बताया कि इससे पहले भी मामला सर्किल अधिकारी के समक्ष उठाया गया था और निरीक्षण के बाद जो भी निर्देश मिले थे, उनका पालन कंपनी ने किया है। इसके बावजूद सादिक अंसारी शत्रुतापूर्ण माहौल बना रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो न केवल प्लांट संचालन प्रभावित होगा, बल्कि जिले में अंडा और मशरूम की आपूर्ति भी बाधित हो जाएगी। इससे स्थानीय लोगों की आजीविका और खाद्य सुरक्षा संकट में पड़ सकती है। इस संदर्भ में आतिश परमहंस ने एसडीएम, अंचल अधिकारियों, SP को ज्ञापन सौंपकर सादिक अंसारी व उनके सहयोगियों पर कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
