द फॉलोअप, जमशेदपुर:
बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के कारण झारखंड में बारिश का दौर तेज है। लगातार हो रही बारिश के बीच जमशेदपुर से होकर गुजरने वाली सुवर्णरेखा और खरकई नदियां उफान पर हैं। खरकई खतरे के निशान से 4.50 मीटर और सुवर्णरेखा 2.02 मीटर ऊपर बह रही है। दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यानी फिलहाल जलस्तर में गिरावट के संकेत नहीं हैं, बल्कि दोनों नदियों का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अगले कुछ घंटों में जलस्तर में और वृद्धि होती है तो नदी किनारे बसे इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। दरअसल, आदित्यपुर ब्रिज साइट पर शनिवार सुबह 6 बजे खरकई नदी का जलस्तर 133.50 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 129 मीटर से 4.50 मीटर ऊपर है। वहीं मानगो ब्रिज साइट पर सुवर्णरेखा का जलस्तर 123.52 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 121.50 मीटर से 2.02 मीटर ऊपर बह रही है।

बागबेड़ा, जुगसलाई, कदमा के शास्त्रीनगर और मानगो व कपाली में खतरा
दोनों नदियों का ट्रेंड राइजिंग है। ऐसे में नदी किनारे और शहर के निचले इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से बागबेड़ा, जुगसलाई, कदमा के शास्त्रीनगर, मानगो, कपाली, भुइयांडीह, सोनारी और नदी किनारे बसे अन्य निचले इलाकों पर विशेष खतरा मंडरा रहा है। इन इलाकों में पहले से ही बारिश के कारण जलभराव की समस्या बनी हुई है। नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका और बढ़ जायेगी। शुक्रवार को ही बागबेड़ा की नया बस्ती, मानगो, कपाली और सोनारी में कई घरों में नदी का पानी प्रवेश कर गया था। जमशेदपुर में सुवर्णरेखा और खरकई के किनारे बसे कई इलाके अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बसे हैं। बारिश के दौरान जब दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ता है तो नदी का पानी निचले इलाकों की ओर तेजी से बढ़ता है। खासकर बागबेड़ा, जुगसलाई, कदमा के शास्त्रीनगर और मानगो व कपाली के कई हिस्से ऐसे हैं, जहां नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ जलभराव का खतरा बढ़ जाता है।
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जलस्बतर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने में देरी न करें
पिछले दिनों भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण इन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने थे। अब दोनों नदियों के दोबारा खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने और जलस्तर के लगातार बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हाल के दिनों में भारी बारिश के कारण जमशेदपुर के कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति सामने आ चुकी है। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। पहले से चिन्हित संवेदनशील बस्तियों में माइकिंग के जरिए लोगों को सतर्क करने, जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी किनारे नहीं जाने और तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश नहीं करने की सलाह दी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों से भी कहा जा रहा है कि जलस्बतर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने में देरी न करें।

राहत शिविरों को तैयार रखने की जरूरत
शहर में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पूर्व में ही कई राहत शिविर चिन्हित किये गये हैं। बाढ़ की स्थिति बनने पर प्रभावित परिवारों को इन राहत केंद्रों में पहुंचाया जा सकता है। प्रशासन और नगर निकायों की टीमों को ऐसे इलाकों पर नजर रखने की जरूरत है, जहां नदी का पानी सबसे पहले पहुंचता है। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता दोनों नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर है। फ्लड सेल की सुबह छह बजे की रिपोर्ट में दोनों नदियों का ट्रेंड बढ़ता हुआ दर्ज होना संकेत दे रहा है कि अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि लगातार बारिश जारी रहा और जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही, तो बागबेड़ा, जुगसलाई, शास्त्रीनगर, मानगो और अन्य निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।