रांची
सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की जांच के लिए गठित सात सदस्यीय भाजपा समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल और अनीता सोरेन सहित अन्य सदस्य शामिल हुए।
इस दौरान जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया, जिसे जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को सौंपा जाएगा।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि समिति ने ललमटिया पहुंचकर स्वर्गीय सूर्या हांसदा के परिजनों, प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। सभी ने एक स्वर में यह आशंका जताई कि यह एनकाउंटर फर्जी था और इसके पीछे एक गहरी साजिश थी।

“भ्रष्टाचार व अवैध खनन के खिलाफ सूर्या हांसदा की आवाज बन गई मौत की वजह”
श्री मुंडा ने कहा कि स्व. सूर्या हांसदा लगातार अवैध खनन और भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे थे। वे पारंपरिक आदिवासी 'मांझी' परिवार से आते थे और समाज में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनके आंदोलन से खनन माफिया असहज थे और इसी कारण उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। उन्होंने बताया कि जिस मुकदमे में उनका एनकाउंटर दिखाया जा रहा है, उसमें वह नामजद भी नहीं थे। यह तथ्य भी कई सवाल खड़े करता है।
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गरीब बच्चों के लिए मसीहा थे सूर्या
अर्जुन मुंडा ने कहा कि स्वर्गीय सूर्या हांसदा गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा के लिए समर्पित थे। सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई की चिंता वे करते थे। उनकी असमय मृत्यु से वे बच्चे खुद को अनाथ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को लेकर अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ेगी और पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। आने वाले दिनों में पार्टी एक ठोस आंदोलनात्मक कार्यक्रम की घोषणा करेगी।
