रांची
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि लोकतंत्र के रक्षक ही आज लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग की मिलीभगत ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर शर्मसार कर दिया है।
कमलेश ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की नींव संविधान पर टिकी है, जिसने हर नागरिक को "एक व्यक्ति, एक वोट" का समान अधिकार दिया है। लेकिन भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर इस अधिकार की चोरी की है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आने के लिए वोटों की चोरी कर रही है और जनता से उनकी सबसे बड़ी ताकत – मताधिकार – को छीना जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "नरेंद्र मोदी ने देश को अराजकता की स्थिति में पहुंचा दिया है। संवैधानिक संस्थाएं मनमानी पर उतर चुकी हैं और विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। जब विपक्ष सवाल करता है तो उसके नेताओं को हिरासत में लिया जाता है।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा को जनता पर भरोसा नहीं था, इसलिए चुनाव आयोग के साथ ‘साठगांठ’ कर वोटों की हेराफेरी की गई। "राहुल गांधी ने वोट चोरी के स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत किए, लेकिन चुनाव आयोग उनसे शपथ-पत्र मांग रहा है। यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा मज़ाक है," उन्होंने कहा।
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कमलेश ने मांग की कि यदि चुनाव आयोग निष्पक्ष है, तो वह इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट और मतदान केंद्रों का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करे, ताकि लोगों का चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास कायम रह सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि देश में निष्पक्ष चुनाव संदेह के घेरे में है और संवैधानिक संस्थाएं भाजपा के नियंत्रण में आ चुकी हैं। "यह समय है जब जनता को इस 'वोट चोरी' के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। राहुल गांधी ने जो लड़ाई शुरू की है, उसे निर्णायक मोड़ तक ले जाना हम सबकी जिम्मेदारी है।"
