रांची
झारखंड के कथित ट्रेजरी घोटाले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि जब भी सरकार किसी बड़े घोटाले को दबाना चाहती है, तो वह मामले को CID के हवाले कर देती है। भाजपा का दावा है कि इस मामले में गठित SIT ने अभी तक अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है, जबकि सरकार और वित्त मंत्री दोषियों को बचाने में लगे हैं। विपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार जांच को दबा रही है। भाजपा ने वित्त मंत्री के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिल रहा था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कथित घोटाला कैसे हुआ। a
ट्रेजरी अधिकारी को अब तक पद से क्यों नहीं हटाया गया?
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि CID जांच की निगरानी के लिए जिन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई, उनमें हजारीबाग और बोकारो के तत्कालीन एसपी शामिल हैं, जिनके कार्यकाल पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि ट्रेजरी अधिकारी, एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा ने कहा कि ट्रेजरी अधिकारी को अब तक पद से नहीं हटाया गया, जबकि ट्रेजरी से निकासी और निरीक्षण की प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
भाजपा ने घोटाले की CBI जांच की मांग उठाई
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (PAG) ने तीन बार सरकार से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन अब तक उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। इन आरोपों के बीच भाजपा ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि इस कथित घोटाले के तार कई राज्यों से जुड़े दिखाई दे रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।