रांची
रांची, पूर्व मंत्री एवं झारखण्ड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने कहा है कि आज राजधानी रांची में छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न परिस्थितियां अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का हर नागरिक को अधिकार है, लेकिन लोकतांत्रिक आंदोलन और हिंसक दबाव की राजनीति के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिये। उन्होंने कहा कि आज प्रदर्शन के दौरान जिस प्रकार कुछ तत्वों द्वारा स्थिति को उग्र बनाने का प्रयास किया गया, वह किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है और निश्चित रूप से चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस हर हाल में छात्र-छात्राओं और प्रतियोगियों के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन लोकतंत्र के नाम पर हिंसा, उकसावे और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कुछ छात्र नेताओं की हठधर्मिता के कारण आज की घटना हुई
बंधु तिर्की ने कहा कि 14 वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द की जा चुकी है। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सहित लगभग 20 लोगों की गिरफ्तारी, ईडी से जांच और अन्य अनेक प्रभावी कार्रवाई के बाद भी भाजपाई नेताओं की साजिश और कुछ छात्र नेताओं की हठधर्मिता के कारण आज की घटना हुई। तिर्की ने कहा कि सीजीएल सहित अनेक संबंधित नियुक्ति प्रक्रिया माननीय न्यायालय के आदेश पर की गयी है और सरकार आनन-फानन में उन नियुक्तियों को रद्द नहीं कर सकती क्योंकि वह संवैधानिक दायरे में ही काम करती है। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की पूरी जांच करना आवश्यक है जो जिम्मेदार सरकार और राजनीतिक भीड़तंत्र के बीच का अंतर है। अगर सीजीएल मामले में भाजपा के पास कोई ठोस तथ्य, दस्तावेज या प्रमाण है तो वह माननीय न्यायालय में क्यों नहीं जाती?
पर्दे के पीछे से पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग दिया है
बंधु तिर्की ने कहा कि आज के घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी छात्रों की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं चाहती बल्कि हठधर्मिता से भरे उनके आक्रोश को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। भाजपा के नेताओं ने जिस तरह पर्दे के पीछे से पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग दिया है उससे उनकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर सरकार पर निशाना साधना भाजपा की पुरानी राजनीति
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के साथ ही सभी भाजपा नेताओं से सीधा सवाल किया कि यदि उन्हें वास्तव में झारखण्ड के छात्रों और युवाओं की इतनी ही चिंता है तो वे सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच चल रही सकारात्मक बातचीत को मजबूत करने के लिये आगे क्यों नहीं आये ? तिर्की ने आरोप लगाया कि भाजपाई, समाधान के रास्ते जाने के सरकार के प्रयास में बाधा खड़ी कर पूरे आंदोलन को टकराव की दिशा में ले गये जो दुर्भाग्यपूर्ण है? छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर सरकार पर राजनीतिक निशाना साधना भाजपा की पुरानी राजनीति हो सकती है लेकिन झारखण्ड की जनता इस राजनीतिक खेल को अब समझ रही है।
चार मंत्रियों की समिति ने लगातार की बातचीत — बंधु तिर्की
बंधु तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रों की मांगों को कभी नजर अंदाज नहीं किया। सरकार ने अभूतपूर्व सकारात्मकता दिखाते हुए चार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति गठित की जिसने छात्र प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत की। छात्र नेताओं की समस्याओं को सुना गया लेकिन कुछ अवांछित नेताओं की हठधर्मिता ने आज की स्थिति उत्पन्न की है। जब सरकार बातचीत के दरवाजे खोलकर बैठी है तब अचानक विधानसभा मार्च से टकराव की दिशा में जाने की जरूरत क्या थी? तिर्की ने कहा कि बातचीत को विफल करना ही भाजपा का उद्देश्य था और भाजपा को यहक बताना होगा कि वह छात्रों की चिंता कर रही है या छात्र आंदोलन की आड़ में झारखण्ड की लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का खेल कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के घटनाक्रम के बाद छात्र नेताओं को भी आत्ममंथन करना होगा।.jpeg)
हिंसा और अराजकता किसी कीमत पर स्वीकार नहीं
बंधु तिर्की ने कहा कि आज पुलिस और प्रशासन ने स्थितियों को नियंत्रित करने में काफी संयम बरता। कानून-व्यवस्था बनाये रखना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है औरक यदि प्रदर्शन के दौरान स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगे तो पुलिस को कानून के तहत कार्रवाई करनी पड़ती है। फिर भी यदि कहीं अवांछित बल प्रयोग हुआ है तो उसकी समीक्षा होनी चाहिये और कांग्रेस किसी भी निर्दोष छात्र के साथ अन्याय का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि झारखण्ड की जनता अब यह तय करेगी कि कौन उसके युवाओं के भविष्य के लिये समाधान की राजनीति कर रहा है और कौन छात्रों के आक्रोश को अपनी राजनीतिक दुकान चलाने के लिये इस्तेमाल कर रहा है। कांग्रेस छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध है। लेकिन लोकतंत्र की आड़ में हिंसा, अराजकता और राजनीतिक षड्यंत्र को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जायेगा।