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गिरिडीह में बालमुकुंद फैक्ट्री में छंटनी के खिलाफ भाकपा (माले) का हल्ला बोल, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

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गिरिडीह 

गिरिडीह जिले में बालमुकुंद फैक्ट्री में मजदूरों की छंटनी के विरोध में भाकपा (माले) और असंगठित मजदूर मोर्चा ने आंदोलन तेज कर दिया है। मंगलवार को सदर प्रखंड के पपरवाटांड़ स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर आयोजित सभा के बाद कार्यकर्ताओं और मजदूरों ने प्रतिवाद मार्च निकाल समाहरणालय पहुंचकर गेट जाम किया तथा जिले के उपायुक्त (DC) को ज्ञापन सौंपा। सभा में सिंदरी विधायक चन्द्रदेव महतो उर्फ बबलू, बगोदर के पूर्व विधायक बिनोद सिंह, धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, माले के वरिष्ठ नेता राजेश सिन्हा सहित बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता और मजदूर उपस्थित थे। मार्च में महिला एवं पुरुष मजदूरों की भी बड़ी भागीदारी रही।

फैक्ट्री के कारण आसपास के क्षेत्र को नुकसान पहुंचा

वहीं सभा को संबोधित करते हुए विधायक चन्द्रदेव महतो ने कहा कि मजदूरों और आम जनता को परेशान करना बंद किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच मजदूरों को बिना किसी नियम-कानून का पालन किए नौकरी से निकाल दिया गया, जो अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के साथ किसी प्रकार की ज्यादती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व विधायक बिनोद सिंह ने फैक्ट्री प्रबंधन पर मजदूरों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि यह रवैया नहीं बदला गया तो मजदूरों की एकता इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री के कारण आसपास के क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है, जिसका उचित मुआवजा भी दिया गया। साथ ही जिला प्रशासन से मजदूरों के पक्ष में हस्तक्षेप करने की मांग की।

फैक्ट्री प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगाने की मांग

इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि जिला प्रशासन जल्द से जल्द बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधन को समझाए, अन्यथा लोकतांत्रिक तरीके से गेट जाम आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने काम से निकाले गए मजदूरों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें पुनः काम पर रखने की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा तथा जरूरत पड़ने पर फैक्ट्री गेट पर ताला भी जड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में नल-जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन वितरण में अनियमितता और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं जैसे कई ज्वलंत मुद्दे हैं, लेकिन जिला प्रशासन इन समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। आंदोलनकारियों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मजदूरों की समस्याओं के समाधान और फैक्ट्री प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।

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