जामताड़ा
जामताड़ा प्रखंड के बरजोरा में करोड़ों की लागत से बने बाल सांसद भवन और सांस्कृतिक अखाड़ा भवन आज देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो गए हैं. जिन भवनों को ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया गया था, आज वहां चारों ओर असामाजिक तत्वों ने अपनी पैठ बना ली है. भवन के दरवाजे, खिड़कियां, बिजली के तार और अन्य उपकरण गायब हो चुके हैं. अब यह भवन शराबियों का अड्डा और पशुओं का बसेरा बन चुका है.

3,000 लोग नहीं उठा पा रहे लाभ
दरअसल, ये भवन आदर्श ग्राम के तहत बनाए जाते हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान करना होता है. बरजोरा पंचायत के सात टोलों की लगभग 3,000 की आबादी को इन भवनों से लाभ मिलना था, लेकिन आज स्थिति इसके उलट है. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के बाद यहां केवल इक्का-दुक्का कार्यक्रम ही हुए, जिसके बाद अधिकारियों ने इसे अपने हाल पर छोड़ दिया. बरजोरा में सभी समुदायों की आबादी है. यहां इन भवनों का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था कि लोग एक छत के नीचे मिल-जुलकर सामुदायिक बैठक और सांस्कृतिक आयोजन कर सकें.
अविलंब जीर्णोद्धार की मांग तेज
अब भवन की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीण कई सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. जैसे निर्धन परिवारों के लिए मुफ्त में होने वाले शादी-विवाह अब नहीं हो पा रहे हैं. सांस्कृतिक गतिविधियां और खेल-कूद प्रशिक्षण ठप पड़ गए हैं. गांव के विकास कार्यों की योजना बनाने के लिए कोई साझा मंच उपलब्ध नहीं है. ऐसे में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन भवनों का अविलंब जीर्णोद्धार किया जाए. उनका कहना है कि यदि प्रशासन इस बर्बादी पर संज्ञान लेकर भवनों को पुनः संचालित करता है, तभी क्षेत्र के युवाओं और गरीबों को विभिन्न सुविधाएं मिल सकेंगी.
